English

वसंत ऋतु में आने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए। - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

Question

वसंत ऋतु में आने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।

Long Answer
Advertisements

Solution

वसंत ऋतु कुल दो महीने से कुछ अधिक रहती है यह आधे फाल्गुन से शुरू होकर चैत बैसाख के कुछ दिनों तक रहती है। अत: इस ऋतु में मस्तीभरी होली रंगो का त्योहार, वसंत पंचमी, देवी सरस्वती की पूजा, खेती में पकी फसल और पीली सरसों का रंग, बैसाखी आदि त्योहार मनाए जाते हैं।

होली

होली का त्योहार फाल्गुन मास की पूर्णिमा को मनाया जाता है और इसके साथ कई कथाएँ जुड़ी हुई हैं। यह हिंदुओं का प्रसिद्ध रंगों और उमंग का त्योहार है, जो वसंत के पूरे यौवन पर होने का प्रतीक है। सर्दी को विदा कर ग्रीष्म ऋतु का स्वागत करने के लिए इसे बड़े हर्षोल्लास से मनाया जाता है। संस्कृत साहित्य में इसे ‘मदनोत्सव’ भी कहा गया है।

होली के संबंध में एक पौराणिक कथा प्रचलित है कि भगवान विष्णु के भक्त प्रहलाद को अग्नि में जलाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी बुआ होलिका स्वयं अग्नि में जलकर नष्ट हो गई। इसी घटना की स्मृति में हर वर्ष होलिका दहन होता है। अगले दिन फाग खेला जाता है, जिसमें छोटे-बड़े, अमीर-गरीब सब भेदभाव भूलकर एक-दूसरे पर रंग और गुलाल लगाते हैं। यह दिन आनंद, मस्ती और उल्लास से भरा होता है। लोग ढोल-मजीरों की ताल पर नाचते-गाते और आपसी वैर-भाव भुलाकर प्रेम और एकता का संदेश देते हैं।

“होली के अवसर पर आओ एक दूजे पर गुलाल लगाएँ अपने सब भेदभाव भूलाकर, प्रेम और सद्भाव बढाएँ”

हालांकि, कुछ लोग अशोभनीय व्यवहार कर इस त्योहार की पवित्रता को नष्ट कर देते हैं। इसलिए हमारा कर्तव्य है कि होली को आदर्श रूप में मनाएँ और आपसी प्रेम, एकता और सद्भाव बढ़ाएँ। इस दिन लोग सुबह से रंगों के साथ अपने नाते-रिश्तेदारों और मित्रों के घर जाकर होली खेलते हैं। बच्चे पिचकारी और गुब्बारों के साथ आनंद उठाते हैं। यह दिन बैर-भाव को भुलाकर सबके साथ खुशियाँ मनाने का संदेश देता है। सभी सरकारी और प्राइवेट संस्थानों में इस दिन अवकाश होता है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 8)
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: ध्वनि - कविता से आगे [Page 2]

APPEARS IN

NCERT Hindi - Vasant Part 3 Class 8
Chapter 1 ध्वनि
कविता से आगे | Q 2 | Page 2

RELATED QUESTIONS

गुड़िया को कौन, कहाँ से और क्यों लाया है?


“मेले से लाया हूँ इसको

छोटी-सी प्यारी गुड़िया”

यदि तुम मेले में जाओगे तो क्या खरीदकर लाना चाहोगे और क्यों?


तुम्हारे घर की बोली में इन शब्दों को क्या कहते हैं?

(क) गुड़िया

(ख) फुलवारी

(ग) नुक्कड़

(घ) चुनरी


तुम अगर मुन्ना की जगह रहो तो क्या करोगे और क्यों?


तुम्हें कौन सा मौसम सबसे अधिक पसंद है और क्यों?


कवि ने कविता में वर्षा ऋतु का वर्णन किया है। वर्षा ऋतु के बाद कौन-सी ऋतु आती है? उसके बारे में अपना अनुभव बताओ।


तुमने इस कविता में एक कवि, जिसने इस कविता को लिखा है, उसके बारे में जाना और इसी कविता में एक कवि कालिदास के बारे में भी जाना। अब तुम बताओ– 

(क) तुम्हारे प्रदेश और तुम्हारी मातृभाषा में तुम्हारी पसंद के कवि कौन-कौन हैं?

(ख) उनमें से किसी एक कवि की कोई सुंदर-सी कविता, जो तुम्हें पसंद हो, को हिंदी में अनुवाद कर अपने साथियों को दिखाओ।


नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -

"तेरे लिए, अकेले तेरे लिए, कहाँ से चलकर आई"

क्या सचमुच पुरवाई केवल किसान के लिए चलकर आई है? वह कहाँ से चलकर आई होगी?


जब हरा खेत लहराएगा तो क्या होगा?


आजकल पुराने ज़माने की अपेक्षा किसान बहुत अधिक चीज़ों की खेती करने लगे हैं। खेती का स्वरूप बहुत विशाल हो गया है। पता करो कि आजकल भारत के लोग किन-किन चीज़ों की खेती करते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची तैयार करो।


कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?


'कोमल गात, मृदुल वसंत, हरे-हरे ये पात'

विशेषण जिस संज्ञा (या सर्वनाम) की विशेषता बताता है, उसे विशेष्य कहते हैं। ऊपर दिए गए वाक्यांशों में गात, वसंत और पात शब्द विशेष्य हैं, क्योंकि इनकी विशेषता (विशेषण) क्रमश: कोमल, मृदुल और हरे-हरे शब्द बता रहे है।

हिंदी विशेषणों के सामान्यतया चार प्रकार माने गए है-गुणवाचक विशेषण, परिमाणवाचक विशेषण, संख्यावाचक विशेषण और सार्वनामिक विशेषण।


एक पंक्ति में कवि ने यह कहकर अपने अस्तित्व को नकारा है कि हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले।” दूसरी पंक्ति में उसने यह कहकर अपने अस्तित्व को महत्त्व दिया है कि “मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।” यह फाकामस्ती का उदाहरण है। अभाव में भी खुश रहना फाकामस्ती कही जाती है। कविता में इस प्रकार की अन्य पंक्तियाँ भी हैं। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कविता में परस्पर विरोधी बातें क्यों की गई हैं?


श्रीकृष्ण अपनी चोटी के विषय में क्या-क्या सोच रहे थे?


तैं ही पूत अनोखी जायौ’ – पंक्तियों में ग्वालन के मन के कौन-से भाव मुखरित हो रहे हैं?


मक्खन चुराते और खाते समय श्रीकृष्ण थोड़ा-सा मक्खन बिखरा क्यों देते हैं?


दूसरे पद को पढ़कर बताइए कि आपके अनुसार उस समय श्रीकष्ण की उम्र क्या रही होगी?


चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना

‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -

साँप ने धीरे-धीरे ______ शुरू कर दिया।


चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना

‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -

तुमने अब खिलौने ______ बंद कर दिए?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×