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प्रश्न
वसंत पर अनेक सुंदर कविताएँ हैं। कुछ कविताओं का संकलन तैयार कीजिए।
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उत्तर
वसंत पर कविता
आए महंत वसंत।
मखमल के झूल पड़े हाथी-सा टोला।
बैठे किंशुक छत्र लगा, बाँध पाग पीला,
सँवर सदृश डोल रहे सरसों के सर अनंत।
आए महंत बसंत।
श्रद्धानत तरुओं की अंजलि से झरे पात
कोयल के मुँदै नयन, थर-थर-थर पुलक गात,
अगरु धूम लिए, झूम रहे सुमन-दिग्-दिगंत।
आए महंत वसंत।
खड़-खड़ कर ताल बजा, नाच रही विसुध हवा,
डाल-डाल अलि-पिक के गायन का बधाँ समाँ।
तरु-तरु की ध्वजा उठी जय-जये का है न अंत।
आए महंत वसंत।
-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना
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