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सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए। - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

सुदामा की दीनदशा देखकर श्रीकृष्ण की क्या मनोदशा हुई? अपने शब्दों में लिखिए।

सविस्तर उत्तर
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उत्तर

सुदामा की दीनदशा को देखकर श्रीकृष्ण की मनोदशा अत्यंत भावुक और करुणामयी हो गई। जब उन्होंने अपने बचपन के प्रिय मित्र को फटी हुई धोती, दुर्बल शरीर और साधारण वेशभूषा में देखा, तो उनका हृदय द्रवित हो उठा। श्रीकृष्ण ने सुदामा की दशा देख कर न तो उसे तुच्छ समझा और न ही दूरी बनाई, बल्कि वे दौड़कर उसे गले से लगा लिया।

वे इतने भावुक हो गए कि उनकी आँखों से आँसुओं की धारा बहने लगी। जब उन्होंने सुदामा के पैर धोने के लिए जल मँगवाया, तब तक उनकी आँखों से निकले आँसुओं से ही सुदामा के चरण धुल गए। श्रीकृष्ण की आँखों में वर्षों की मित्रता, स्नेह और करुणा का भाव उमड़ पड़ा। वे सुदामा से प्रेमपूर्वक बोले “तुम इतने दिन कहाँ थे?”

इस प्रकार श्रीकृष्ण ने यह दिखाया कि सच्चा प्रेम और मित्रता पद, धन या रूप नहीं देखती वह तो हृदय की गहराई से जुड़ी होती है।

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पद्य (Poetry) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 12: सुदामा चरित - कविता से [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
पाठ 12 सुदामा चरित
कविता से | Q 1 | पृष्ठ ७१

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पानी, टोकरी, बस्ता, चावल, हथेली, रंग, जूते

______

बीनना

______

उतारना

______

बिखेरना

______

समेटना

______

सजाना


नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–

(क)

जुगनू जैसे चमकीले _____________

(ख)

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_______________

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