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प्रश्न
निर्धनता के बाद मिलनेवाली संपन्नता का चित्रण कविता की अंतिम पंक्तियों में वर्णित है। उसे अपने शब्दों में लिखिए।
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उत्तर
निर्धनता के बाद श्रीकृष्ण की कृपा से सुदामा को वैभव और समृद्धि प्राप्त होती है। जहाँ पहले वह टूटी-फूटी झोपड़ी में रहते थे, वहाँ अब स्वर्ण-भवन खड़ा हो गया। पहले पैरों में पहनने को चप्पल तक नहीं थी, आज घूमने के लिए हाथी-घोड़े उपलब्ध हैं। पहले कठोर भूमि पर सोना पड़ता था, अब कोमल सेज पर निद्रा आती है। पहले खाने को को दो-चावल ही मिलता था, और आज प्रभु की कृपा से द्राक्ष-किशमिश-मुनक्का तक मिलते हैं।
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