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ऐसा हुआ हो कभी कि माँ के मना करने पर भी घर में उपलब्ध किसी स्वादिष्ट वस्तु को आपने चुपके-चुपके थोड़ा-बहुत खा लिया हो और चोरी पकड़े जाने पर कोई बहाना भी बनाया होअपनी आपबीती की तुलना श्रीकृष्ण की बाल

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प्रश्न

ऐसा हुआ हो कभी कि माँ के मना करने पर भी घर में उपलब्ध किसी स्वादिष्ट वस्तु को आपने चुपके-चुपके थोड़ा-बहुत खा लिया हो और चोरी पकड़े जाने पर कोई बहाना भी बनाया होअपनी आपबीती की तुलना श्रीकृष्ण की बाल लीला से कीजिए

टीपा लिहा
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उत्तर

मुझे चॉकलेट खाना बहुत पसंद हैमेरे चचेरे भाई का जन्मदिन थाउसी की तैयारी के लिए सामान लाया जा रहा थामाँ ने फ्रिज में दूध रखने के लिए मुझसे कहा, पर यह भी कह दिया कि उसमें रखी चॉकलेट हम सभी शाम को खाएँगेयह जन्मदिन के अवसर पर सभी में बाँटी जाएगीउस समय तो मैं दूध रखकर आ गया, पर मेरा सारा ध्यान उन्हीं चॉकलेटों में लगा थादोपहर में मम्मी की आँख लग गई और मुझे मौका मिल गयामैंने तीन चॉकलेट निकाल लिए और खाकर उनका कागज बाहर फेंक आया पर पता नहीं एक टुकड़ा कैसे जेब में रह गयामाँ ने शाम को जब चॉकलेट कम मिले तो उन्होंने सबसे पहले मेरी जेब टटोलीउनके हाथ वह कागज लग गया और मेरी चोरी पकड़ी गईमैंने बताया कि यह तो कल की खाई चॉकलेट का कागज है पर मेरा बहाना काम न आयामुझे पापा की डाँट खानी पड़ी

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पद्य (Poetry) (Class 8)
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पाठ 15: सूरदास के पद - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ९६]

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एनसीईआरटी Hindi Vasant Bhag 3 Class 8
पाठ 15 सूरदास के पद
अनुमान और कल्पना | Q 2 | पृष्ठ ९६
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