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प्रश्न
ऐसा हुआ हो कभी कि माँ के मना करने पर भी घर में उपलब्ध किसी स्वादिष्ट वस्तु को आपने चुपके-चुपके थोड़ा-बहुत खा लिया हो और चोरी पकड़े जाने पर कोई बहाना भी बनाया होअपनी आपबीती की तुलना श्रीकृष्ण की बाल लीला से कीजिए
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उत्तर
मुझे चॉकलेट खाना बहुत पसंद हैमेरे चचेरे भाई का जन्मदिन थाउसी की तैयारी के लिए सामान लाया जा रहा थामाँ ने फ्रिज में दूध रखने के लिए मुझसे कहा, पर यह भी कह दिया कि उसमें रखी चॉकलेट हम सभी शाम को खाएँगेयह जन्मदिन के अवसर पर सभी में बाँटी जाएगीउस समय तो मैं दूध रखकर आ गया, पर मेरा सारा ध्यान उन्हीं चॉकलेटों में लगा थादोपहर में मम्मी की आँख लग गई और मुझे मौका मिल गयामैंने तीन चॉकलेट निकाल लिए और खाकर उनका कागज बाहर फेंक आया पर पता नहीं एक टुकड़ा कैसे जेब में रह गयामाँ ने शाम को जब चॉकलेट कम मिले तो उन्होंने सबसे पहले मेरी जेब टटोलीउनके हाथ वह कागज लग गया और मेरी चोरी पकड़ी गईमैंने बताया कि यह तो कल की खाई चॉकलेट का कागज है पर मेरा बहाना काम न आयामुझे पापा की डाँट खानी पड़ी
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तुमने इस कविता में एक कवि, जिसने इस कविता को लिखा है, उसके बारे में जाना और इसी कविता में एक कवि कालिदास के बारे में भी जाना। अब तुम बताओ–
(क) तुम्हारे प्रदेश और तुम्हारी मातृभाषा में तुम्हारी पसंद के कवि कौन-कौन हैं?
(ख) उनमें से किसी एक कवि की कोई सुंदर-सी कविता, जो तुम्हें पसंद हो, को हिंदी में अनुवाद कर अपने साथियों को दिखाओ।
"हरा खेत जब लहराएगा
हरी पताका फहराएगा
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एक पंक्ति में कवि ने यह कहकर अपने अस्तित्व को नकारा है कि हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले।” दूसरी पंक्ति में उसने यह कहकर अपने अस्तित्व को महत्त्व दिया है कि “मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।” यह फाकामस्ती का उदाहरण है। अभाव में भी खुश रहना फाकामस्ती कही जाती है। कविता में इस प्रकार की अन्य पंक्तियाँ भी हैं। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कविता में परस्पर विरोधी बातें क्यों की गई हैं?
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