हिंदी

अनुमान कीजिए यदि आपका कोई अभिन्न मित्र आपसे बहुत वर्षों बाद मिलने आए तो आप को कैसा अनुभव होगा?

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

अनुमान कीजिए यदि आपका कोई अभिन्न मित्र आपसे बहुत वर्षों बाद मिलने आए तो आप को कैसा अनुभव होगा?

लघु उत्तरीय
Advertisements

उत्तर

यदि मेरा कोई अभिन्न मित्र मुझसे बहुत वर्षों बाद मिलने आए, तो यह अनुभव बेहद भावनात्मक और आनंददायक होगा। पुरानी यादें ताज़ा हो जाएँगी और साथ बिताए पल फिर से आँखों के सामने जीवित हो उठेंगे। हम ढेर सारी बातें करेंगे, हँसेंगे और कुछ भावुक क्षण भी आएँगे। यह मिलन मेरे लिए सुकून देने वाला और जीवनभर याद रहने वाला अनुभव होगा।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 8)
  क्या इस प्रश्न या उत्तर में कोई त्रुटि है?
अध्याय 12: सुदामा चरित - अनुमान और कल्पना [पृष्ठ ७२]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
अध्याय 12 सुदामा चरित
अनुमान और कल्पना | Q 1 | पृष्ठ ७२

संबंधित प्रश्न

“मेले से लाया हूँ इसको

छोटी-सी प्यारी गुड़िया”

यदि तुम मेले में जाओगे तो क्या खरीदकर लाना चाहोगे और क्यों?


भारत में अनेक अवसरों पर मेले लगते हैं। कुछ मेले तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

(क) तुम अपने प्रदेश के किसी मेले के बारे में बताओ। पता करो कि वह मेला क्यों लगता है? वहाँ कौन-कौन से लोग आते हैं और वे क्या करते हैं? इस काम में तुम पुस्तकालय या बड़ों की सहायता ले सकते हो।

(ख) तुम पुस्तक-मेला, फ़िल्म-मेला और व्यापार-मेला आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करो और बताओ कि अगर तुम्हें इनमें से किसी मेले में जाने का अवसर मिले तो तुम किस मेले में जाना चाहोगे और क्यों?


कविता में फ़र्श पर कौन-कौन और क्या-क्या करते हैं?


फ़र्श पर सभी के द्वारा कुछ न कुछ काम करने की बात कविता में हुई है, मगर महरी के काम को ही कविता लिखना क्यों कहा गया है?


तुम अगर मुन्ना की जगह रहो तो क्या करोगे और क्यों?


कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं– 

चिड़िया, डाल, तिनके, सूरज, हवा, हाथ, मुन्ना, कविता 

इनका प्रयोग करते हुए कोई कहानी या कविता लिखो।


सूरज निकलने के कुछ समय बाद ओस कहाँ चली जाती है? इसका उत्तर तुम अपने मित्रों, बड़ों, पुस्तकों और इंटरनेट की सहायता से प्राप्त करो और शिक्षक को बताओ।


"इनकी शोभा निरख-निरख कर,
इन पर कविता एक बनाऊँ।"

कवि ओस की सुंदरता पर एक कविता बनाना चाहता है। यदि तुम कवि के स्थान पर होते, तो कौन-सी कविता बनाते? अपने मनपसंद विषय पर कोई कविता बनाओ।


"जी होता, इन ओस कणों को 
अंजलि में भर घर ले आऊँ"

'घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे -

(क) वह घर गया।

(ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।

(ग) यह तो घर-घर की बात है।

(घ) आओ, घर-घर खेलें।

'बस' शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम ‘बस’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।

(संकेत - बस, बस-बस, बस इतना सा)


नीचे शब्दों के बदलते रूप को दर्शाने वाला नमूना दिया गया है। उसे देखो और अपनी सुविधानुसार तुम भी दिए गए शब्दों को बदलो।

नमूना → गिरना –गिराना –गिरवाना

उठना

______

______

पढ़ना

______

______

करना

______

______

फहरना

______

______

सुनना

______

______


अपनी मातृभाषा में 'किसान' पर लिखी गई कविता को अपने मित्रों व शिक्षक को सुनाओ।


"काले बादल तनिक देख तो।"

तुम भी अपने ढंग से 'तनिक' शब्द का इस्तेमाल करते हुए पाँच वाक्य बनाओ।


वसंत ऋतु में आने वाले त्योहारों के विषय में जानकारी एकत्र कीजिए और किसी एक त्योहार पर निबंध लिखिए।


'हरे-हरे', 'पुष्प-पुष्प' में एक शब्द की एक ही अर्थ में पुनरावृत्ति हुई है। कविता के 'हरे-हरे ये पात' वाक्यांश में 'हरे-हरे' शब्द युग्म पत्तों के लिए विशेषण के रूप में प्रयुक्त हुए हैं। यहाँ 'पात' शब्द बहुवचन में प्रयुक्त है। ऐसा प्रयोग भी होता है जब कर्ता या विशेष्य एक वचन में हो और कर्म या क्रिया या विशेषण बहुवचन में; जैसे- वह लंबी-चौड़ी बातें करने लगा। कविता में एक ही शब्द का एक से अधिक अर्थों में भी प्रयोग होता है-''तीन बेर खाती ते वे तीन बेर खाती है।'' जो तीन बार खाती थी वह तीन बेर खाने लगी है। एक शब्द 'बेर' का दो अर्थों मे प्रयोग करने से वाक्य में चमत्कार आ गया। इसे यमक अलंकार कहा जाता है। कभी-कभी उच्चारण की समानता से शब्दों की पुनरावृत्ति का आभास होता है जबकि दोनों दो प्रकार के शब्द होते हैं; जैसे- मन का/मनका।

ऐसे वाक्यों को एकत्र कीजिए जिनमें एक ही शब्द की पुनरावृत्ति हो। ऐसे प्रयोगों को ध्यान से देखिए और निम्नलिखित पुनरावृत शब्दों का वाक्य में प्रयोग कीजिए बातों-बातों में, रह-रहकर, लाल-लाल, सुबह-सुबह, रातों-रात, घड़ी-घड़ी।


''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सो पग धोए''

ऊपर लिखी गई पंक्ति को ध्यान से पढ़िए। इसमें बात को बहुत अधिक बढ़ा-चढ़ाकर चित्रित किया गया है। जब किसी बात को इतना बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत किया जाता है तो वहाँ पर अतिशयोक्ति अलंकार होता है। आप भी कविता में से एक अतिशयोक्ति अलंकार का उदाहरण छाँटिए।


इस कविता को एकांकी में बदलिए और उसका अभिनय कीजिए।


कविता के उचित सस्वर वाचन का अभ्यास कीजिए।


तैं ही पूत अनोखी जायौ’ – पंक्तियों में ग्वालन के मन के कौन-से भाव मुखरित हो रहे हैं?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×