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''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए। - Hindi (हिंदी)

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प्रश्न

''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।

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उत्तर

प्रस्तुत दोहे में यह कहा गया है कि श्रीकृष्ण ने अपने बालसखा सुदामा के आगमन पर उनके पैरों को धोने के लिए परात में पानी मंगवाया परन्तु सुदामा की दुर्दशा देखकर उनको इतना कष्ट हुआ कि आँसुओं से ही सुदामा के पैर धुल गए। अर्थात् परात में लाया गया जल व्यर्थ हो गया।

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पद्य (Poetry) (Class 8)
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अध्याय 12: सुदामा चरित - कविता से [पृष्ठ ७१]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Vasant Part 3 Class 8
अध्याय 12 सुदामा चरित
कविता से | Q 2 | पृष्ठ ७१

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नमूना → गिरना –गिराना –गिरवाना

उठना

______

______

पढ़ना

______

______

करना

______

______

फहरना

______

______

सुनना

______

______


अपनी मातृभाषा में 'किसान' पर लिखी गई कविता को अपने मित्रों व शिक्षक को सुनाओ।


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