मराठी

"मोल-भाव करके लाया हूँठोक-बजाकर देख लिया।"अगर तुम्हें अपने लिए कोई खिलौना खरीदना हो तो तुम कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखोगे? - Hindi (हिंदी)

Advertisements
Advertisements

प्रश्न

"मोल-भाव करके लाया हूँ
ठोक-बजाकर देख लिया।"
अगर तुम्हें अपने लिए कोई खिलौना खरीदना हो तो तुम कौन-कौन सी बातें ध्यान में रखोगे?

टीपा लिहा
Advertisements

उत्तर

अगर हमें अपने लिए कोई खिलौना खरीदना हो, तो हम देखेंगे कि वह अच्छा व उपयोगी है या नहीं। कहीं से टूटा-फूटा तो नहीं है। खिलौनेवाला जितने पैसे माँग रहा है, उस हिसाब से वह ठीक भी है। यदि नहीं तो मोल-भाव करेंगे और खिलौना कितने दिन चल तक सकता है, यह भी देखना ज़रूरी है।

shaalaa.com
पद्य (Poetry) (Class 8)
  या प्रश्नात किंवा उत्तरात काही त्रुटी आहे का?
पाठ 1: गुड़िया - अभ्यास [पृष्ठ ३]

APPEARS IN

एनसीईआरटी Hindi - Durva Part 3 Class 8
पाठ 1 गुड़िया
अभ्यास | Q 2. (ख) | पृष्ठ ३

संबंधित प्रश्‍न

गुड़िया को कौन, कहाँ से और क्यों लाया है?


भारत में अनेक अवसरों पर मेले लगते हैं। कुछ मेले तो पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं।

(क) तुम अपने प्रदेश के किसी मेले के बारे में बताओ। पता करो कि वह मेला क्यों लगता है? वहाँ कौन-कौन से लोग आते हैं और वे क्या करते हैं? इस काम में तुम पुस्तकालय या बड़ों की सहायता ले सकते हो।

(ख) तुम पुस्तक-मेला, फ़िल्म-मेला और व्यापार-मेला आदि के बारे में जानकारी प्राप्त करो और बताओ कि अगर तुम्हें इनमें से किसी मेले में जाने का अवसर मिले तो तुम किस मेले में जाना चाहोगे और क्यों?


मम्मी और महरी के काम में तुम्हें जो कुछ समानता और असमानता नज़र आती है, उसे अपने ढंग से बताओ।


"इनकी शोभा निरख-निरख कर,
इन पर कविता एक बनाऊँ।"

कवि ओस की सुंदरता पर एक कविता बनाना चाहता है। यदि तुम कवि के स्थान पर होते, तो कौन-सी कविता बनाते? अपने मनपसंद विषय पर कोई कविता बनाओ।


"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"

ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–

"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"

इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।

"कौन रात में गूँथ गया है
ये उज्ज्वल हीरों की कड़ियाँ?"


"जी होता, इन ओस कणों को 
अंजलि में भर घर ले आऊँ"

'घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे -

(क) वह घर गया।

(ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।

(ग) यह तो घर-घर की बात है।

(घ) आओ, घर-घर खेलें।

'बस' शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम ‘बस’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।

(संकेत - बस, बस-बस, बस इतना सा)


किसान को बादलों का इंतज़ार क्यों रहता है?


कवि को वर्षा होने पर किसान की याद क्यों आती है?


आजकल पुराने ज़माने की अपेक्षा किसान बहुत अधिक चीज़ों की खेती करने लगे हैं। खेती का स्वरूप बहुत विशाल हो गया है। पता करो कि आजकल भारत के लोग किन-किन चीज़ों की खेती करते हैं? अपने साथियों के साथ मिलकर एक सूची तैयार करो।


"काले बादल तनिक देख तो।"

तुम भी अपने ढंग से 'तनिक' शब्द का इस्तेमाल करते हुए पाँच वाक्य बनाओ।


"ऋतु परिवर्तन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है"- इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए।


एक पंक्ति में कवि ने यह कहकर अपने अस्तित्व को नकारा है कि हम दीवानों की क्या हस्ती, हैं आज यहाँ, कल वहाँ चले।” दूसरी पंक्ति में उसने यह कहकर अपने अस्तित्व को महत्त्व दिया है कि “मस्ती का आलम साथ चला, हम धूल उड़ाते जहाँ चले।” यह फाकामस्ती का उदाहरण है। अभाव में भी खुश रहना फाकामस्ती कही जाती है। कविता में इस प्रकार की अन्य पंक्तियाँ भी हैं। उन्हें ध्यानपूर्वक पढ़िए और अनुमान लगाइए कि कविता में परस्पर विरोधी बातें क्यों की गई हैं?


संतुष्टि के लिए कवि ने ‘छककर’, ‘जी भरकर’ और ‘खुलकर’ जैसे शब्दों का प्रयोग किया है। इसी भाव को व्यक्त करने वाले कुछ और शब्द सोचकर लिखिए, जैसे-हँसकर, गाकर।


कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है? स्पष्ट कीजिए।


पक्षी और बादल की चिट्ठियों में पेड़-पौधें, पानी और पहाड़ क्या पढ़ पाते हैं ?


डाकिया इंटरनेट के वर्ल्ड वाइड वेब (डब्ल्यू.डब्ल्यू.डब्ल्यू: www) तथा पक्षी और बादल-इस तीनों संदेश वाहकों के विषय में अपनी कल्पना से एक लेख तैयार कीजिए। ‘चिट्ठियों की अनूठी दुनिया’ पाठ का सहयोग ले सकते


''नहीं'' और ''अभी भी'' को एक साथ प्रयोग करके तीन वाक्य लिखिए और देखिए 'नहीं' 'अभी भी' के पीछे कौन-कौन से भाव छिपे हो सकते हैं?


श्रीकृष्ण गोपियों को माखन चुरा-चुराकर खाते थे इसलिए उन्हें माखन चुराने वाला भी कहा गया हैइसके लिए एक शब्द दीजिए


चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना

‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -

ज़रा सा रगड़ते ही हीरे ______ शुरू कर दिया।


क्या होगा - अगर वर्षा बिलकुल ही न हो।


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×