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प्रश्न
"खेल-खिलौनों की दुनिया में तुमको परी बनाऊँगा।" बचपन में तुम भी बहुत से खिलौनों से खेले होगे। अपने किसी खिलौने के बारे में बताओ।
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उत्तर
बचपन में हम भी गुड़िया से खेलते थे। उसके लिए कपड़े बनाते थे। उनके रहने के लिए छोटा-से बक्से से घर बनाते थे। घर के अंदर तरह-तरह के छोटे-छोटे सामान लाकर रखते थे। गुड्डे तथा गुड़िया को सजाते थे।कभी-कभी तो सभी बच्चे दो भागों में बँट जाते थे और उनके विवाह आदि भी करवाते थे। एक पक्ष गुड्डेवाले का होता था और दूसरा पक्ष गुड़ियावाले का। हम सब मिलकर उनका विवाह आदि करवाते थे।
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संबंधित प्रश्न
कवि ने अपनी गुड़िया के बारे में अनेक बातें बताई हैं। उनमें से कोई दो बातें लिखो।
मैं मेले से लाया हूँ इसको
हम मेले से लाए हैं इसको
ऊपर हमने देखा कि यदि 'मैं' के स्थान पर 'हम' रख दें तो हमें वाक्य में कुछ और शब्द भी बदलने पड़ जाते हैं। इसी बात को ध्यान में रखते हुए दिए गए वाक्यों को बदलकर लिखो।
(क) मैं आठवीं कक्षा में पढ़ती हूँ।
हम आठवीं कक्षा ______________ ।
(ख) मैं जब मेले में जा रहा था तब बारिश होने लगी
____________________________
(ग) मैं तुम्हें कुछ नहीं बताऊँगी।
________________________
"और इस तरह लिखती है हर रोज़
एक कविता फ़र्श पर।"
कविता में फ़र्श परकाम करने को भी कविता लिखना बताया गया है। फ़र्श के अतिरिक्त अन्यत्र भी तुम कुछ लोगों को काम करते हुए पा सकते हो। उनमें से तुम जिन कामों को कविता लिखना बता सकते हो, बताओ और उसके कारण भी बताओ।
पता करो कि सुबह के समय खुले स्थानों पर ओस की बूँदें कैसे बन जाती हैं? इसे अपने शिक्षक को बताओ।
नीचे लिखी चीज़ों जैसी कुछ और चीज़ों के नाम सोचकर लिखो–
|
(क) |
जुगनू जैसे चमकीले | _____________ |
|
(ख) |
तारों जैसे झिलमिल | ____________ |
| (ग) | हीरों जैसे दमकते | ______________ |
|
(घ) |
फूलों जैसे सुंदर |
_______________ |
कवि को ऐसा विश्वास क्यों है कि उसका अंत अभी नहीं होगा?
कवि पुष्पों की तंद्रा और आलस्य दूर हटाने के लिए क्या करना चाहता है?
"ऋतु परिवर्तन का जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है"- इस कथन की पुष्टि आप किन-किन बातों से कर सकते हैं? लिखिए।
कविता में ऐसी कौन-सी बात है जो आपको सबसे अच्छी लगी?
‘हमारे जीवन में डाकिए की भूमिका’ क्या है? इस विषय पर दस वाक्य लिखिए।
''पानी परात को हाथ छुयो नहिं, नैनन के जल सों पग धोए।'' पंक्ति में वर्णित भाव का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।
''चोरी की बान में हौ जू प्रवीने।''
(क) उपर्युक्त पंक्ति कौन, किससे कह रहा है?
(ख) इस कथन की पृष्ठभूमि स्पष्ट कीजिए।
(ग) इस उपालंभ (शिकायत) के पीछे कौन-सी पौराणिक कथा है?
अनुमान कीजिए यदि आपका कोई अभिन्न मित्र आपसे बहुत वर्षों बाद मिलने आए तो आप को कैसा अनुभव होगा?
कुछ शब्द परस्पर मिलते-जुलते अर्थवाले होते हैं, उन्हें पर्यायवाची कहते हैं। और कुछ विपरीत अर्थवाले भी । समानार्थी शब्द पर्यायवाची कहे जाते हैं और विपरीतार्थक शब्द विलोम; जैसे –
| पर्यायवाची | चंद्रमा-शशि, इंदु, राका मधुकर-भ्रमर, भौंरा, मधुप सूर्य-रवि, भानु, दिनकर |
| विपरीतार्थक |
दिन-रात |
पाठों से दोनों प्रकार के शब्दों को खोजकर लिखिए।
"हरी घास पर बिखरे दी हैं
ये किसने मोती की लड़ियाँ?"
ऊपर की पंक्तियों को उलट-फेर कर इस तरह भी लिखा जा सकता है–
"हरी घास पर ये मोती की लड़ियाँ किसने बिखेर दी हैं?"
इसी तरह नीचे लिखी पंक्तियों में उलट-फेर कर तुम भी उसे अपने ढंग से लिखो।
"नभ के नन्हें तारों में ये
कौन दमकते हैं यों दमदम?"
चमक - चमकना - चमकाना - चमकवाना
‘चमक’ शब्द के कुछ रूप ऊपर लिखे हैं। इसी प्रकार नीचे लिखे शब्दों का रूप बदलकर सही जगह पर भरो -
तुमने अब खिलौने ______ बंद कर दिए?
नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
"तेरे प्राणों में भरने को नया राग लाए हैं"
बादल ऐसा क्या लाए हैं जिससे किसान के प्राणों में नया राग भर जाएगा?
नीचे लिखी पंक्ति पढ़ो। आपस में चर्चा करके इसके नीचे दिए गए प्रश्न के उत्तर दो -
"यह संदेशा ले कर आई, सरस मधुर शीतल पुरवाई"
पुरवाई किसान के लिए क्या संदेशा लेकर आई होगी?
तुम चाहो तो 'पहला दिन' शीर्षक पर कुछ पंक्तियों की कोई कविता भी लिखकर दिखा सकते हो।
