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प्रश्न
उच्च पद पर पहुँचकर या अधिक समृद्ध होकर व्यक्ति अपने निर्धन माता-पिता-भाई-बंधुओं से नजर फेरने लग जाता है, ऐसे लोगों के लिए सुदामा चरित कैसी चुनौती खड़ी करता है? लिखिए।
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उत्तर
उच्च पद पर पहुँच कर लोग अक्सर अपने सगे-संबधियों, अपने मित्रों को भूल जाते हैं, ऐसे लोगों को सुदामा चरित से शिक्षा ग्रहण करनी चाहिए। यह रचना ऐसे लोगों के लिए एक सबक है। जिससे हमें यह शिक्षा मिलती है कि अधिक समृद्ध हो जाने पर हमें अहंकार वश किसी को तुच्छ नहीं समझना चाहिए।
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कविता में से चुनकर कुछ शब्द नीचे दिए गए हैं–
चिड़िया, डाल, तिनके, सूरज, हवा, हाथ, मुन्ना, कविता
इनका प्रयोग करते हुए कोई कहानी या कविता लिखो।
कविता में रतन किसे कहा गया है और वे कहाँ-कहाँ बिखरे हुए हैं?
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"जी होता इन ओस कणों को
अंजलि में भर घर ले आऊँ"
कवि ओस को अपनी अंजलि में भरना चाहता है। तुम नीचे दी गई चीज़ों में से किन चीज़ों को अपनी अंजलि में भर सकते हो? सही (✓) का चिह्न लगाओ -
| रेत | ओस | धुआँ | हवा | पानी | तेल | लड्डू | गंद |
"जी होता, इन ओस कणों को
अंजलि में भर घर ले आऊँ"
'घर शब्द का प्रयोग हम कई तरह से कर सकते हैं। जैसे -
(क) वह घर गया।
(ख) यह बात मेरे मन में घर कर गई।
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(घ) आओ, घर-घर खेलें।
'बस' शब्द का प्रयोग कई तरह से किया जा सकता है। तुम ‘बस’ शब्द का प्रयोग करते हुए अपने मन से कुछ वाक्य बनाओ।
(संकेत - बस, बस-बस, बस इतना सा)
नीचे शब्दों के बदलते रूप को दर्शाने वाला नमूना दिया गया है। उसे देखो और अपनी सुविधानुसार तुम भी दिए गए शब्दों को बदलो।
नमूना → गिरना –गिराना –गिरवाना
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उठना |
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पढ़ना |
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______ |
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करना |
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फहरना |
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सुनना |
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बादलों के घिर आने पर कवि किसान को उठने के लिए क्यों कहता है?
रूप बदल कर बादल किसान के कौन से सपनों को साकार करेगा?
"उड़ने वाले काले जलधर
नाच-नाच कर गरज-गरज कर
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बादल गरज-गरज कर धरती पर बरसते हैं परंतु इसके बिलकुल उलट एक मुहावरा है–
जो गरजते हैं, वे बरसते नहीं।
कक्षा में पाँच-पाँच बच्चों के समूह बनाकर चर्चा करो कि दोनों बातों में से कौन-सी बात अधिक सही है। अपने उत्तर का कारण भी बताओ। चर्चा के बाद प्रत्येक समूह का एक प्रतिनिधि पूरी कक्षा को अपने समूह के विचार बताएगा।
कवि ने पक्षी और बादल को भगवान के डाकिए क्यों बताया है? स्पष्ट कीजिए।
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कविता में कई बार 'अभी भी' का प्रयोग करके बातें रखी गई हैं, अभी भी का प्रयोग करते हुए तीन वाक्य बनाइए और देखिए उनमें लगातार, निरंतर, बिना रुके चलनेवाले किसी कार्य का भाव निकल रहा है या नहीं?
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