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वामीरो क्यों न जान सकी कि कोई अजनबी उसे निहारे जा रहा है?

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Question

वामीरो क्यों न जान सकी कि कोई अजनबी उसे निहारे जा रहा है?

Short/Brief Note
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Solution

वामीरो समुद्र के किनारे बैठी ढलती हुई शाम के सौंदर्य में बेसुध-सी सूर्य के आकर्षक रंग को निहार रही थी जो समुद्र के शरीर पर पड़ रहा था। वह मधुर स्वर में गीत गाए जा रही थी। वह गाने में इतनी खोई थी कि उसे अजनबी द्वारा निहारे जाने का ध्यान न आया।

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तताँरा - वामीरो कथा
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Chapter 2.3: तताँरा-वामीरो कथा - अतिरिक्त प्रश्न

APPEARS IN

NCERT Hindi Sparsh Bhag 2 Class 10
Chapter 2.3 तताँरा-वामीरो कथा
अतिरिक्त प्रश्न | Q 7

RELATED QUESTIONS

निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

तताँरा और वामीरो के गाँव की क्या रीति थी?


 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

तताँरा खूब परिश्रम करने के बाद कहाँ गया? वहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य का वर्णन अपने शब्दों में कीजिए।


 निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

वामीरो से मिलने के बाद तताँरा के जीवन में क्या परिवर्तन आया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए-

रूढ़ियाँ जब बंधन बन बोझ बनने लगें तब उनका टूट जाना ही अच्छा है। क्यों? स्पष्ट कीजिए।


तताँरा कौन था? ग्रामवासियों के साथ उसके संबंध कैसे थे?


तताँरा की तलवार लोगों की चर्चा का विषय क्यों थी?


समुद्र के किनारे गया तताँरा अपनी सुध-बुध क्यों खोने लगा?


सम्मोहन टूटने और होश आने के बाद तताँरा ने क्या किया?


तताँरा द्वारा पूछने पर भी वामीरो उसे कोई जवाब क्यों नहीं दे रही थी?


वामीरो से मिलने के बाद तताँरा का अगला दिन कैसे बीता?


तताँरा और वामीरो ने अपने प्रेम के लिए आत्मबलिदान देकर आनेवाली पीढ़ी को नई राह दिखाई। स्पष्ट कीजिए।


अंदमान निकोबार द्वीप समूह की प्रमुख जनजातियों की विशेषताओं का अध्ययन पुस्तकालय की सहायता से कीजिए।


निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

क्रोध में उसने तलवार निकाली और कुछ विचार करता रहा। क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे। एक सन्नाटा-सा खिंच गया। जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ों में बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही जा रही थी। द्वीप के अंतिम सिरे तक तताँरा धरती को मानो क्रोध में काटता जा रहा था। सभी भयाकुल हो उठे। लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी, वे सिहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी - तताँरा... तताँरा... तताँरा उसकी करुण चीख मानो गड़गड़ाहट में डूब गई। तताँरा दुर्भाग्यवश दूसरी तरफ़ था। द्वीप के अंतिम सिरे तक धरती को चाकता वह जैसे ही अंतिम छोर पर पहुँचा, द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो चुका था। एक तरफ़ तताँरा था दूसरी तरफ़ वामीरो।
  1. लोगों का सहम जाना किस बात का परिचायक है?
    (A) भय
    (B) करुणा
    (C) क्रोध
    (D) प्रसन्नता
  2. तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए।
    (i) आत्मसमर्पण का भाव
    (ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम
    (iii) तलवार की दैवीय शक्ति
    (iv) गाँव वालों के प्रति रोष
    (A) (i) और (iii)
    (B) (i), (iii), (iv)
    (C) केवल (iii)
    (D) (i), (ii) और (iv)
  3. निम्नलिखित कथन-कारण को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए।
    कथन (A):
    लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी।
    कारण (R): ग्रामवासियों ने यह कदापि न सोचा था कि तताँरा की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी सिद्ध हो सकती है।
    (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
    (B) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
    (C) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
    (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
  4. तताँरा और वामीरो अलग कैसे हुए?
    (A) अपमान के डर से
    (B) गाँव वालों के दबाव में
    (C) पशु मैले की भीड़ के कारण
    (D) भूमि के दो भागों में कटने से
  5. गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा विचार मेल खाता है -
    (A) जो मनुष्य अपने क्रोध को अपने वश में कर लेता है, वह दूसरों के क्रोध से स्वयंमेव बच जाता है। - सुकरात
    (B) क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है। - प्रेमचंद
    (C) वह आदमी वास्तव में बुद्धिमान है जो क्रोध में भी गलत बात मुँह से नहीं निकालता। - शेखसादी
    (D) ईर्ष्या, लोभ, क्रोध एवं कठोर वचन - इन चारों से सदा बचते रहना ही वस्तुतः धर्म है। - तिरुवल्लुवर

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:

'तताँरा-वामीरो कथा' के अनुसार गाँव वाले तताँरा के सदाचारी व्यक्तित्व से परिचित और प्रभावित थे फिर भी वामीरो के मामले में उन्होंने उसका साथ क्यों नहीं दिया?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए -

पशु पर्व में अपने क्रोध को शांत करने के लिए तताँरा ने क्या किया? उसकी प्रतिक्रिया के पक्ष या विपक्ष में तर्कसम्मत उत्तर दीजिए।


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