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वामीरो का मन भी तताँरा की ओर आकर्षित हो गया था। स्पष्ट कीजिए।

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Question

वामीरो का मन भी तताँरा की ओर आकर्षित हो गया था। स्पष्ट कीजिए।

Short/Brief Note
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Solution

पहली ही नज़र में तताँरा को देखते ही वामीरो विस्मित हो गई। उसके मन में कोमल भावना का संचार हो गया। घर पहुँचने पर उसे भीतर ही भीतर बेचैनी-सी महसूस होने लगी। इस बेचैनी से मुक्त होने का उसका प्रयास दिखावा मात्र था। वह झल्लाहट में दरवाजा बंद कर मन को किसी और दिशा में ले जाने का प्रयास करने लगी।

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तताँरा - वामीरो कथा
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निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

तताँरा-वामीरो कहाँ की कथा है?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-

तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

तताँरा की तलवार के बारे में लोगों का क्या मत था?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

तताँरा-वामीरो की त्यागमयी मृत्यु से निकोबार में क्या परिवर्तन आया?


निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-

निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?


निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −

जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।


द्वीप समूह के बारे में निकोबारियों का विश्वास स्पष्ट कीजिए।


तताँरा कौन था? ग्रामवासियों के साथ उसके संबंध कैसे थे?


वामीरो क्यों न जान सकी कि कोई अजनबी उसे निहारे जा रहा है?


सम्मोहन टूटने और होश आने के बाद तताँरा ने क्या किया?


वामीरो से मिलने के बाद तताँरा का अगला दिन कैसे बीता?


वामीरो और तताँरा अगले दिन तो मिले पर वे एक शब्द भी क्यों नहीं बोल पाए?


तताँरा ने अपने क्रोध के शमन के लिए क्या किया?


दिसंबर 2004 में आए सुनामी का इस द्वीप समूह पर क्या प्रभाव पड़ा? जानकारी एकत्रित कीजिए।


इस वर्ष आपने पाठ्यक्रम में लोककथा पर आधारित एक कहानी पढ़ी है। यह कहानी समाज की विसंगतियों को दूर करने का संदेश देती है। कथन का मूल्यांकन करते हुए अपने विचार कीजिए।


निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -

क्रोध में उसने तलवार निकाली और कुछ विचार करता रहा। क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे। एक सन्नाटा-सा खिंच गया। जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ों में बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही जा रही थी। द्वीप के अंतिम सिरे तक तताँरा धरती को मानो क्रोध में काटता जा रहा था। सभी भयाकुल हो उठे। लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी, वे सिहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी - तताँरा... तताँरा... तताँरा उसकी करुण चीख मानो गड़गड़ाहट में डूब गई। तताँरा दुर्भाग्यवश दूसरी तरफ़ था। द्वीप के अंतिम सिरे तक धरती को चाकता वह जैसे ही अंतिम छोर पर पहुँचा, द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो चुका था। एक तरफ़ तताँरा था दूसरी तरफ़ वामीरो।
  1. लोगों का सहम जाना किस बात का परिचायक है?
    (A) भय
    (B) करुणा
    (C) क्रोध
    (D) प्रसन्नता
  2. तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए।
    (i) आत्मसमर्पण का भाव
    (ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम
    (iii) तलवार की दैवीय शक्ति
    (iv) गाँव वालों के प्रति रोष
    (A) (i) और (iii)
    (B) (i), (iii), (iv)
    (C) केवल (iii)
    (D) (i), (ii) और (iv)
  3. निम्नलिखित कथन-कारण को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए।
    कथन (A):
    लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी।
    कारण (R): ग्रामवासियों ने यह कदापि न सोचा था कि तताँरा की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी सिद्ध हो सकती है।
    (A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
    (B) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
    (C) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
    (D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है।
  4. तताँरा और वामीरो अलग कैसे हुए?
    (A) अपमान के डर से
    (B) गाँव वालों के दबाव में
    (C) पशु मैले की भीड़ के कारण
    (D) भूमि के दो भागों में कटने से
  5. गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा विचार मेल खाता है -
    (A) जो मनुष्य अपने क्रोध को अपने वश में कर लेता है, वह दूसरों के क्रोध से स्वयंमेव बच जाता है। - सुकरात
    (B) क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है। - प्रेमचंद
    (C) वह आदमी वास्तव में बुद्धिमान है जो क्रोध में भी गलत बात मुँह से नहीं निकालता। - शेखसादी
    (D) ईर्ष्या, लोभ, क्रोध एवं कठोर वचन - इन चारों से सदा बचते रहना ही वस्तुतः धर्म है। - तिरुवल्लुवर

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