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Question
उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्', अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत-
सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।
Options
आम्
न
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Solution
सर्वं विहाय विद्याधिकारं कुरु।- आम्
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RELATED QUESTIONS
उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्', अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत-
विद्या राजसु पूज्यते।
उपयुक्तकथनानां समक्षम् 'आम्', अनुपयुक्तकथनानां समक्षं 'न' इति लिखत-
वाग्भूषणं भूषणं न।
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
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गुरूणाम् |
______ |
______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
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केयूरा: |
______ |
______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
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कीर्तिम् |
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______ |
______ |
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पदानि |
लिङ्गम् |
विभक्ति: |
वचनम् |
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भूषणानि |
______ |
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______ |
श्लोकांशान् योजयत-
| क | ख |
| विद्या राजसु पूज्यते न हि धनम् | हारा न चन्द्रोज्ज्वलाः। |
| केयूराः न विभूषयन्ति पुरुषम् | न भ्रातृभाज्यं न च भारकारि। |
| न चौरहार्यं न च राजहार्यम् | या संस्कृता धार्यते। |
| सत्कारायतनं कुलस्य महिमा | विद्या-विहिनः पशुः। |
| वाण्येका समलङ्करोति पुरुषम् | रत्नैर्विना भूषणम्। |
का भोगकरी?
के पुरुषं न विभूषयन्ति?
का एका पुरुषं समलङ्करोति?
रेखाङ्कितपदानि अधिकृत्य प्रश्ननिर्माणं कुरुत-
विद्या दिक्षु कीर्तिं तनोति।
गुरूणां गुरुः का अस्ति?
कीदृशी वाणी पुरुषं समलङ्करोति?
व्यये कृते किं वर्धते?
भाग्यक्षये आश्रयः कः?
