Advertisements
Advertisements
Question
उदाहरण देते हुए भर्जन व निस्तापन में अंतर बताइए।
Advertisements
Solution
निस्तापन में सांद्रित अयस्क को उसके गलनांक से नीचे वायु की सीमित मात्रा में गर्म किया जाता है।
\[\ce{\underset{{लिमोनाइट}}{Fe2O3.3H2O} ->[\Delta] \underset{{फैरिक ऑक्साइड}}{Fe2O3} + 3H2O}\]
\[\ce{\underset{{डोलोमाइट}}{CaCO3.MgCO3} ->[\Delta] CaO + MgO + 2CO2 ^}\]
भर्जन में अयस्क को वायु की अधिकता में तीव्रता से गर्म करते हैं। इसके फलस्वरूप P, As, S आदि की अशुद्धियाँ ऑक्सीकृत हो जाती हैं तथा सल्फाइड अयस्क धातु ऑक्साइड में परिवर्तित हो जाता है।
\[\ce{\underset{{ज़िंक ब्लेंड}}{2ZnS} + 3O2 -> \underset{{ज़िंक ऑक्साइड}}{2ZnO} + 2SO2 ^}\]
\[\ce{\underset{{गैलेन}}{2PbS} + 3O2 -> \underset{{लेड ऑक्साइड}}{2PbO} + 2SO2 ^}\]
RELATED QUESTIONS
कॉपर मेट को सिलिका की परत चढ़े हुए परिवर्तकों में क्यों रखा जाता है?
Cr2O3 के विरचन के लिए ΔfGΘ का मान – 540 kJ mol−1 है तथा Al2O3 के लिए – 827 kJ mol−1 है। क्या Cr2O3 का अपचयन Al से संभव है?
C व CO में से ZnO के लिए कौन-सा अपचायक अच्छा है?
किसी विशेष स्थिति में अपचायक का चयन ऊष्मागतिकी कारकों पर आधारित है। आप इस कथन से कहाँ तक सहमत हैं? अपने मत के समर्थन में दो उदाहरण दीजिए।
