Advertisements
Advertisements
Question
'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि ______।
Options
देश की रक्षा सभी देशवासियों का कर्तव्य है।
राम और लक्ष्मण द्वारा सीता की रक्षा की गई है।
सैनिक युद्ध भूमि में वीरगति को प्राप्त हो चुके हैं।
आत्मबलिदान के अवसर निरंतर बने रहते हैं।
Advertisements
Solution
'तुम्हीं राम, तुम्हीं लक्ष्मण' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि देश की रक्षा सभी देशवासियों का कर्तव्य है।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में धरती को दुल्हन क्यों कहा गया है?
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
इस गीत में 'सर पर कफ़न बाँधना' किस ओर संकेत करता है?
निम्नलिखित का भाव स्पष्ट कीजिए-
छू न पाए सीता का दामन कोई
राम भी तुम, तुम्हीं लक्ष्मण साथियो
इस गीत में कुछ विशिष्ट प्रयोग हुए हैं। गीत के संदर्भ में उनका आशय स्पष्ट करते हुए अपने वाक्यों में प्रयोग कीजिए।
कट गए सर, नब्ज़ जमती गई, जान देने की रुत, हाथ उठने लगे
कैफ़ी आज़मी उर्दू भाषा के एक प्रसिद्ध कवि और शायर थे। ये पहले गज़ल लिखते थे। बाद में फ़िल्मों में गीतकार और कहानीकार के रूप में लिखने लगे। निर्माता चेतन आनंद की फ़िल्म ‘हकीकत’ के लिए इन्होंने यह गीत लिखा था, जिसे बहुत प्रसिद्धि मिली। यदि संभव हो सके तो यह फ़िल्म देखिए।
‘फ़िल्म का समाज पर प्रभाव’ विषय पर कक्षा में परिचर्चा आयोजित कीजिए।
सैनिकों के लड़ने के लिए परिस्थितियाँ अनुकूल नहीं थीं। स्पष्ट कीजिए।
‘भरते-मरते रहो बाँकपन साथियो के माध्यम से सैनिक देशवासियों को क्या संदेश देना चाहते थे?
अपना बलिदान देकर भी सैनिकों को दुख की अनुभूति क्यों नहीं हो रही है?
‘आज धरती बनी है दुलहन साथियो’ ऐसा सैनिकों को क्यों लग रहा है?
सैनिक अपनी जवानी को कब सार्थक मानता है?
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता युवाओं में राष्ट्र प्रेम और देशभक्ति की भावना प्रगाढ़ करती है। स्पष्ट कीजिए।
‘कर चले हम फ़िदा’ कविता की प्रासंगिकता स्पष्ट कीजिए।
निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए:
आपके द्वारा 'स्पर्श' पाठ्यक्रम में पढ़ी गई किस कविता की अंतिम पंक्तियाँ आपको सर्वाधिक प्रभावित करती हैं और क्यों? अपने विचार व्यक्त कीजिए।
‘कर चले हम फिदा’ कविता के आधार पर बताइए कि सीमा पर शहीद होने वाले सैनिकों को मरते दम तक किस बात पर गर्व है और क्यों?
निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
| साँस थमती गई, नब्ज़ जमती गई, फिर भी बढ़ते कदम को न रुकने दिया, कट गए सर हमारे तो कुछ गम नहीं, सर हिमालय का हमने न झुकने दिया, मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो, अब तुम्हारे हवाले वतन साथियो। ज़िंदा रहने के मौसम बहुत हैं मगर जान देने की रुत रोज़ आती नहीं हुस्न और इश्क दोनों को रुसवा करे वो जवानी जो खेँ में नहाती नहीं, आज धरती बनी है दुलहन साथियों अब तुम्हारे हवाले वतन साथियों ! |
- 'सर हिमालय का हमने न झुकने दिया' का अर्थ है -
(A) हिमालय को सजाना।
(B) हिमालय की हिफाज़त करना।
(C) भारत के गौरव को बनाए रखना।
(D) भारत का गुणगान करना। - कवि द्वारा 'साथियो' संबोधन का प्रयोग ______ के लिए किया गया है।
(A) कवियों
(B) शहीदों
(C) सैनिकों
(D) देशवासियों - 'मरते-मरते रहा बाँकपन साथियो' कवि ने ऐसा कहा है क्योंकि -
(A) सैनिक धरती को दुल्हन की तरह सजा हुआ देखकर प्रसन्न हो गए।
(B) सैनिकों ने मातृभूमि की रक्षा हेतु जोश और साहस से युद्ध किया।
(C) देशवासियों को बार-बार पुकारकर सैनिकों ने उनमें देशभक्ति का भाव जगाया।
(D) सैनिकों ने कभी भी टेढ़ेपन से बातचीत नहीं की, देश रक्षा ही एकमात्र उद्देश्य रहा। - 'जान देने की रुत रोज़ आती नहीं' का भाव है -
(A) सैनिकों के हृदय में जीवित रहने की इच्छा नहीं।
(B) जीवित रहने का समय आनंददायक होना चाहिए।
(C) आत्म बलिदान द्वारा भी देश की रक्षा के लिए तत्पर।
(D) जीवन और मरण सब कुछ ईश्वर की इच्छा पर निर्भर। - इस काव्यांश का संदेश यह है कि हमें -
(A) हुस्न और इश्क को रुसवा करना चाहिए।
(B) देश को दूसरों के हवाले कर देना चाहिए।
(C) धरती को दुल्हन की तरह सजाना चाहिए।
(D) देश पर कुर्बान होने के लिए तैयार रहना चाहिए।
