Advertisements
Advertisements
Question
तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।
दोनों तरीकों से देखने पर क्या अंतर पाया?
Advertisements
Solution
एक तरीके में मैं बिना गर्दन घुमाए साथी के एक्शन को नहीं देख पाता हूँ जबकि दूसरे तरीके में मैं बिना गर्दन घुमाए ही अपने साथी के एक्शन को देख पाता हूँ।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो -
चींटी कितनी देर में आई?
चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो -
वे उस जगह से कहाँ जाती हैं?
सुशीला ने अपनी बेटी की 'पौटी' साफ़ करते समय तो मुँह नहीं ढँका, लेकिन दीपक की पौटी साफ़ करते समय उसने मुँह ढँक लिया। ऐसा क्यों?
क्या गंध का अच्छा या बुरा होना सभी के लिए एक जैसा ही होता है या इस पर हमारी सोच का असर भी पड़ता है?
ऐसे कुछ पक्षियों के नाम लिखो जिनकी आँखें सिर के दोनों तरफ होती हैं। इन पक्षियों की आँखों का आकार उनके सिर की तुलना में कैसा होता है?
तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।
अब दोनों आँखें खोलकर बिना गर्दन घुमाए दाईं तरफ़ खड़े साथी के एक्शन को देखो।
तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।
सोचो, अगर पक्षियों की तरह तुम्हारी आँखें तुम्हारे कान की जगह होतीं तो कैसा होता? तुम ऐसे क्या-क्या काम कर पाते, जो अभी नहीं कर पाते हो?
तुम अपने कानों पर हाथ रखकर कुछ बोलो। अपनी ही आवाज़ सुनाई देती है न?
सोचो, जंगल में बाघ को किन चीज़ों से खतरा होगा?
क्या हम भी जानवरों के लिए खतरा बन रहे हैं? कैसे?
