English

बहुत-से जानवर किसी खास मौसम में लंबी गहरी नींद में चले जाते हैं। लंबी भी इतनी कि कई महीनों तक फिर दिखाई ही नहीं देते। क्या तुमने कभी ध्यान दिया है कि सर्दियों के दिनों में अचानक ही छिपकलियाँ कहीं

Advertisements
Advertisements

Question

बहुत-से जानवर किसी खास मौसम में लंबी गहरी नींद में चले जाते हैं। लंबी भी इतनी कि कई महीनों तक फिर दिखाई ही नहीं देते।

क्या तुमने कभी ध्यान दिया है कि सर्दियों के दिनों में अचानक ही छिपकलियाँ कहीं गुम हो जाती हैं। सोचो, वे ऐसा क्यों करती होंगी?

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

हाँ, सर्दियों में छिपकलियाँ नज़र ही नहीं आती । इस समय वे शीत निद्रा (गहरी नींद) में चली जाती हैं। सर्दियों में उन्हें भोजन कम मिल पाता है और वे अपने शरीर को गर्म भी नहीं रख पाती हैं। अपनी ऊर्जा बचाने और जीवित रहने के लिए वे शीत निद्रा में चली जाती हैं।

shaalaa.com
कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को?
  Is there an error in this question or solution?
Chapter 1: कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को - कितना सोएँ [Page 10]

APPEARS IN

NCERT Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
Chapter 1 कैसे पहचाना चींटी ने दोस्त को
कितना सोएँ | Q 1 | Page 10

RELATED QUESTIONS

चीनी के कुछ दाने, गुड़ या कोई मीठी चीज़ ज़मीन पर रखो। अब इंतज़ार करो, चींटियों के आने का। अब देखो - 

क्या सबसे पहले एक चींटी आई या सारा झुंड इकठ्ठा आया?


क्या तुमने कभी किसी कुत्ते की इधर-उधर कुछ सूँघते हुए देखा है? सोचो, कुत्ता क्या सूँघता होगा?


किन-किन मौकों पर तुम्हारी सूँघने की शक्ति तुम्हारे काम आती हैं? सूची बनाओ। उदाहरण के लिए - खाने की गंध से उसके खराब होने का पता चलना, किसी चीज़ के जलने का पता चलना।


किन्हीं पाँच ऐसी चीज़ों के नाम लिखो, जिनकी गंध तुम्हें अच्छी लगती है। और किन्हीं पाँच ऐसी चीज़ों के नाम भी लिखो जिनकी गंध तुम्हें अच्छी नहीं लगती।

इनकी गंध अच्छी लगती है इनकी गंध अच्छी नहीं लगती
______ ______
______ ______

तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।

अब गेंद या छोटा सिक्का उछालकर पकड़ने का खेल खेलो। एक बार दोनों आँखें खोलकर और एक बार एक आँख बंद करके। किस स्थिति में उसे पकड़ना आसान लगा?


तुम अपनी दाईं आँख बंद करो या हाथ से ढँको। उसी समय तुम्हारा साथी तुम्हारे बिल्कुल दाईं तरफ़ थोड़ी दूर खड़ा होकर कुछ एक्शन करें।

सोचो, अगर पक्षियों की तरह तुम्हारी आँखें तुम्हारे कान की जगह होतीं तो कैसा होता? तुम ऐसे क्या-क्या काम कर पाते, जो अभी नहीं कर पाते हो?


क्या तुम सोच सकते हो, जमीन पर पड़ी हुई एक रोटी किसी चील को कितनी दूरी से दिखाई दे जाती होगी?


क्या तुम कुछ जानवरों की आवाज़ें समझ सकते हो? किस-किस की?


जिस तरह पक्षी हर अलग बात के लिए अलग-अलग आवाज़ें निकालते हैं, उसी तरह तुम भी अलग-अलग बातों के लिए आवाज़ों की भाषा बना लो। ध्यान रहे बोलना नहीं है, केवल आवाज़ें निकालनी हैं और साथियों को अपनी बात समझानी है। किन बातों के लिए चेतावनी संदेश भेजना चाहोगे? जैसे - कक्षा में टीचर के आने पर!


सोचो, जंगल में बाघ को किन चीज़ों से खतरा होगा?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×