Advertisements
Advertisements
Question
टोपी और इफ्फ़न की दादी के उस प्रेममयी आत्मीय संबंध का वर्णन कीजिए, जिसके कारण टोपी ने इफ्फ़न से कहा कि तुम्हारी दादी की जगह मेरी दादी मर गई होती तो अच्छा होता।
Advertisements
Solution
टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग जाति-धर्म से संबंध रखती थी, पर उनमें इतना गहरा प्रेम और आत्मीय भाव था कि जाति-धर्म का बंधन इसके आगे कहीं ठहर न सका। दोनों ही एक-दूसरे का दुख-दर्द समझते थे। टोपी और दादी के संबंध को इफ्फ़न के दादा जीवित होते तो वह भी इस संबंध को बिलकुल उसी तरह न समझ पाते जैसे टोपी के घरवाले न समझ पाए थे।
दोनों अलग-अलग अधूरे थे। एक ने दूसरे को पूरा कर दिया था। दोनों प्यासे थे। एक ने दूसरे की प्यास बुझा दी थी। दोनों अपने घरों में अजनबी और भरे घर में अकेले थे। दोनों ने एक-दूसरे का अकेलापन मिटा दिया था। इसी प्रेममयी आत्मीय संबंध के कारण टोपी ने कहा कि तुम्हारी दादी की जगह मेरी दादी मर गई होती तो अच्छा रहता।
RELATED QUESTIONS
इफ़्फ़न की दादी अपने पीहर क्यों जाना चाहती थीं?
दस अक्तूबर सन् पैंतालीस का दिन टोपी के जीवन में क्या महत्व रखता है?
टोपी और इफ़्फ़न की दादी अलग-अलग मजहब और जाति के थे पर एक अनजान अटूट रिश्ते से बँधे थे। इस कथन के आलोक में अपने विचार लिखिए।
टोपी नवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए −
ज़हीन होने के बावजूद भी कक्षा में दो बार फ़ेल होने के क्या कारण थे?
टोपी नवीं कक्षा में दो बार फ़ेल हो गया। बताइए −
टोपी की भावात्मक परेशानियों को मद्येनज़र रखते हुए शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक बदलाव सुझाइए?
इफ़्फ़न के पूर्वजों का संक्षिप्त परिचय दीजिए।
लखनऊ आकर भी इफ्फ़न की दादी की एक विशिष्ट पहचान बनी हुई थी। स्पष्ट कीजिए।
मृत्यु के करीब आने पर इम्फ़न की दादी को क्या-क्या याद आया?
इफ़्फ़न की दादी टोपी को अपने ही परिवार के सदस्यों के उपहास से किस तरह बचाती?
टोपी एक दिन के लिए ही सही अपने बड़े भाई मुन्नी बाबू से क्यों बड़ा होना चाहता था?
प्रेम जाति और उम्र का बंधन नहीं मानता है। स्पष्ट कीजिए।
किन बातों से पता चलता है कि टोपी को इफ्फ़न की दादी बहुत प्रिय थीं?
|
वह तो जब डॉक्टर साहब की ज़मानत ज़ब्त हो गई तब घर में ज़रा सन्नाटा हुआ और टोपी ने देखा कि इम्तहान सिर पर खड़ा है। वह पढ़ाई में जुट गया। परंतु ऐसे वातावरण में क्या कोई पढ़ सकता था? इसलिए उसका पास ही हो जाना बहुत था। "वाह!" दादी बोलीं, "भगवान नज़रे-बद से बचाए। रफ़्तार अच्छी है। तीसरे बरस तीसरे दर्जे में पास तो हो गए।…." |
टोपी ज़हीन होने के बावजूद कक्षा में दो बार फेल हो गया। जीवन में प्रतिकूल परिस्थितियों से हार मान लेना कहाँ तक उचित है? टोपी जैसे बच्चों के विषय में आपकी क्या राय है?
आपके विचार से मित्रता की कौन-कौन सी कसौटियाँ हो सकती हैं? ‘टोपी शुक्ला’ पाठ के संदर्भ में तीन बिंदु लिखिए।
पूरक पाठ्य पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में दीजिए -
इफ़्फ़न के पिता के तबादले के बाद टोपी शुक्ला का कोई और मित्र क्यों नहीं बन सका? इसका उसके बालमन पर क्या प्रभाव पड़ा?
पूरक पाठ्य-पुस्तक पर आधारित निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर लगभग 60 शब्दों में लिखिए:
'टोपी शुक्ला का दोस्त इफ़्फ़न था लेकिन उसकी घनिष्ठ दोस्ती इफ़्फ़न की दादी से भी थी।' इस कथन को 'टोपी शुक्ला' पाठ के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
