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Question
टी.वी. की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में हज़ारों लोग घायल हुए और मरे भी। अगर यहाँ बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं, तो क्या नुकसान में कुछ अंतर होता? क्या?
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Solution
हाँ, अगर भुज में बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं तो लोग ईमारतों के नीचे दब कर नहीं मरते तथा इमारतों के नीचे दबने से सामानों का नुकसान भी नहीं होता।
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ऐसे समय में तुम अपने पालतू जानवरों की सुरक्षा तथा देखभाल के लिए क्या करोगे?
अपने घर की तुलना जस्मा के घर से करो। दोनों घरों को बनाने के लिए इस्तेमाल की गई चीज़ों की सूची कॉपी में बनाओ।
| जस्मा का घर | आपका घर |
| ______ | ______ |
क्या तुम्हें कभी स्कूल में या कहीं और इस बारे में बताया गया है कि भूकंप जैसी मुसीबत के समय क्या करना चाहिए?
ऐसे में किन-किन की मदद की ज़रूरत पड़ती होगी और किस काम के लिए? कॉपी में तालिका बनाकर लिखो।
| किन-किन की मदद की ज़रूरत | काम में मदद |
| 1. कुत्ता | सूँघकर जानना कि लोग कहाँ दबे हैं |
| 2. ______ | ______ |
लोग अकसर एक जगह पर पास-पास क्यों बसते हैं?
लोगों को कई बार ऐसी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है, जिनमें जान और माल का भारी नुकसान होता है। कई लोग बेघर हो जाते हैं। पिछले कुछ एक महीनों के अखबारों से दुनिया में आए भूकंप, बाढ़, आग, तूफ़ान आदि के बारे में समाचार इकठ्ठे करो। उन्हें कॉपी में चिपकाओ।
तुम अपनी समाचार रिपोर्ट तैयार करो जिसमें इन बातों का ज़िक्र हो।
- संकट का कारण
- तारीख और समय
- किस-किस तरह के नुकसान हुए? (जान, माल, रोज़गार का नुकसान)
- कौन-कौन लोग मदद के लिए आए और ज़िम्मेदारी ली (कौन-कौन से सरकारी दफ़्तर तथा अन्य सस्थाएँ)
बाढ़ के समय किस-किस तरह की परेशानियाँ आती होंगी? चित्र देखो - बाढ़ के बाद बच्चे किस तरह के स्कूल में पढ़ने के लिए आए हैं? लिखो, बाढ़ के बाद भी ज़िंदगी को दोबारा पटरी पर लाने में और क्या-क्या करना पड़ा होगा।

इन शब्दों की मदद से रिपोर्ट तैयार करो - बाढ़, नदी का पानी, घायल लोग, खाने के पैकेट, राहत कार्य, कैंपों में रहना, लोगों के शव, जानवरों के बहते शरीर, डूबे घर, आकाश से निरीक्षण, दुःखी लोग, गंदे पानी से बीमारियाँ, बेघर लोग, सामूहिक भोजन, फंसे लोग।
क्या तुम्हारे इलाके में कभी लोगों ने भुखमरी, सूखा जैसी मुसीबतों का सामना किया है? ऐसे समय में खाने-पीने की भारी कमी हो जाती है। अखबार से देश-विदेश की ऐसी खबरें ढूँढ़ो और उन पर एक रिपोर्ट तैयार करो।
