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टी.वी. की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में हज़ारों लोग घायल हुए और मरे भी। अगर यहाँ बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं, तो क्या नुकसान में कुछ अंतर होता? क्या?

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प्रश्न

टी.वी. की रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में हज़ारों लोग घायल हुए और मरे भी। अगर यहाँ बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं, तो क्या नुकसान में कुछ अंतर होता? क्या?

एका वाक्यात उत्तर
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उत्तर

हाँ, अगर भुज में बनी इमारतें भूकंप से सुरक्षित होतीं तो लोग ईमारतों के नीचे दब कर नहीं मरते तथा इमारतों के नीचे दबने से सामानों का नुकसान भी नहीं होता।

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जब धरती काँपी
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पाठ 14: जब धरती काँपी - लिखो [पृष्ठ १३६]

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एनसीईआरटी Paryavaran Adhyyan Aas-Paas [Hindi] Class 5
पाठ 14 जब धरती काँपी
लिखो | Q 1 | पृष्ठ १३६

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क्या तुमने या तुम्हारे किसी जानने वाले ने कभी ऐसी मुसीबत का सामना किया है?


ऐसे समय में किन लोगों ने मदद की? उनकी सूची बनाओ।


जस्मा के गाँव में बाहर के बहुत सारे लोग आए। ये कौन लोग होंगे? इन लोगों ने किस प्रकार की मदद की होगी?


सोचो, अगर तुम्हारे यहाँ भूकंप आ जाए, तो क्या तुम्हारे घर को भी खतरा होगा? तुम कहाँ रहोगे।


संस्था के लोगों ने जस्मा के स्कूल में अभ्यास कराया कि भूकंप आने पर क्या-क्या करना चाहिए।


ऐसे समय पर जब लोगों के घर ही नहीं रहे, तब लोगों को किस-किस तरह की राहत की ज़रूरत पड़ी होगी?


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तुम अपनी समाचार रिपोर्ट तैयार करो जिसमें इन बातों का ज़िक्र हो।

  • संकट का कारण
  • तारीख और समय
  • किस-किस तरह के नुकसान हुए? (जान, माल, रोज़गार का नुकसान)
  • कौन-कौन लोग मदद के लिए आए और ज़िम्मेदारी ली (कौन-कौन से सरकारी दफ़्तर तथा अन्य सस्थाएँ)

इन शब्दों की मदद से रिपोर्ट तैयार करो - बाढ़, नदी का पानी, घायल लोग, खाने के पैकेट, राहत कार्य, कैंपों में रहना, लोगों के शव, जानवरों के बहते शरीर, डूबे घर, आकाश से निरीक्षण, दुःखी लोग, गंदे पानी से बीमारियाँ, बेघर लोग, सामूहिक भोजन, फंसे लोग।


क्या तुम्हारे इलाके में कभी लोगों ने भुखमरी, सूखा जैसी मुसीबतों का सामना किया है? ऐसे समय में खाने-पीने की भारी कमी हो जाती है। अखबार से देश-विदेश की ऐसी खबरें ढूँढ़ो और उन पर एक रिपोर्ट तैयार करो।


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