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Question
टिप्पणी लिखिए।
मराठा चित्रशैली
Short/Brief Note
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Solution
ईसवी सन् की सत्रहवीं शताब्दी के उत्तरार्ध में मराठा चित्र शैली के विकास का प्रारंभ हुआ।
- सचित्र हस्तलिखित पोथियाँ, पोथियों के ऊपर और नीचे रखी जाने वाली लकड़ी की तख्तियों पर बने चित्र, काँच के चित्र, भित्तिचित्र आदि विभिन्न स्वरूपों में मराठा चित्र शैली पाई जाती है।
- इस शैली के चित्र रंगीन होते हैं। ये भित्तिचित्रों और हस्तलिखित के लघुचित्रों के स्वरूप में होते हैं।
- बाड़ों के दर्शनीय भागों, दीवानखानों, मंदिरों के मंडपों, शिखरों तथा छतों पर मराठा चित्र शैली के भित्ति चित्र दिखाई देते हैं।
- इस चित्र शैली पर राजपूत और मालवा चित्र शैली तथा यूरोपीय चित्र शैली का प्रभाव दिखाई देता है।
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