Advertisements
Advertisements
Question
तताँरा को पर्व-त्योहारों में विशेष रूप से क्यों बुलाया जाता था?
Advertisements
Solution
तताँरा बेहद नेक और मददगार युवक था, जिसे निकोबारी बेहद प्रेम करते थे। वह सदैव दूसरों की मदद के लिए तैयार रहता था। द्वीपवासियों की सेवा करना वह अपना कर्तव्य समझता था। अपने त्यागमयी स्वभाव के कारण वह सभी के आदर का पात्र था। इसी कारण उसे पर्व-त्योहारों में विशेष रूप से बुलाया जाता था।
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
वामीरो अपना गाना क्यों भूल गई?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
तताँरा ने वामीरो से क्या याचना की?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर एक-दो पंक्तियों में दीजिए-
क्रोध में तताँरा ने क्या किया?
निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर (25-30 शब्दों में) लिखिए-
निकोबार के लोग तताँरा को क्यों पसंद करते थे?
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा।
निम्नलिखित का आशय स्पष्ट कीजिए −
बस आस की एक किरण थी जो समुद्र की देह पर डूबती किरणों की तरह कभी भी डूब सकती थी।
द्वीप समूह के बारे में निकोबारियों का विश्वास स्पष्ट कीजिए।
वामीरो क्यों न जान सकी कि कोई अजनबी उसे निहारे जा रहा है?
तताँरा वामीरो के प्रश्न का जवाब देने के बजाए उससे एक ही आग्रह क्यों किए जा रहा था?
सम्मोहन टूटने और होश आने के बाद तताँरा ने क्या किया?
वामीरो तताँरा को क्यों भूलना चाहती थी ? पर वह चाहकर भी ऐसा क्यों नहीं कर पा रही थी?
वामीरो से मिलने के बाद तताँरा का अगला दिन कैसे बीता?
रूढ़ियों और परंपराओं का बंधन प्रेम की राह में बाधक नहीं बन सकता। तताँरा-वामीरो कथा के आधार पर स्पष्ट कीजिए।
पुस्तकालय में उपलब्ध विभिन्न प्रदेशों की लोककथाओं का अध्ययन कीजिए।
दिसंबर 2004 में आए सुनामी का इस द्वीप समूह पर क्या प्रभाव पड़ा? जानकारी एकत्रित कीजिए।
अपने घर-परिवार के बुजुर्ग सदस्यों से कुछ लोककथाओं को सुनिए। उन कथाओं को अपने शब्दों में कक्षा में सुनाइए।
निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर के लिए सही विकल्प का चयन कीजिए -
| क्रोध में उसने तलवार निकाली और कुछ विचार करता रहा। क्रोध लगातार अग्नि की तरह बढ़ रहा था। लोग सहम उठे। एक सन्नाटा-सा खिंच गया। जब कोई राह न सूझी तो क्रोध का शमन करने के लिए उसमें शक्ति भर उसे धरती में घोंप दिया और ताकत से उसे खींचने लगा। वह पसीने से नहा उठा। सब घबराए हुए थे। वह तलवार को अपनी तरफ़ खींचते-खींचते दूर तक पहुँच गया। वह हाँफ रहा था। अचानक जहाँ तक लकीर खिंच गई थी, वहाँ एक दरार होने लगी। मानो धरती दो टुकड़ों में बँटने लगी हो। एक गड़गड़ाहट-सी गूँजने लगी और लकीर की सीध में धरती फटती ही जा रही थी। द्वीप के अंतिम सिरे तक तताँरा धरती को मानो क्रोध में काटता जा रहा था। सभी भयाकुल हो उठे। लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी, वे सिहर उठे। उधर वामीरो फटती हुई धरती के किनारे चीखती हुई दौड़ रही थी - तताँरा... तताँरा... तताँरा उसकी करुण चीख मानो गड़गड़ाहट में डूब गई। तताँरा दुर्भाग्यवश दूसरी तरफ़ था। द्वीप के अंतिम सिरे तक धरती को चाकता वह जैसे ही अंतिम छोर पर पहुँचा, द्वीप दो टुकड़ों में विभक्त हो चुका था। एक तरफ़ तताँरा था दूसरी तरफ़ वामीरो। |
- लोगों का सहम जाना किस बात का परिचायक है?
(A) भय
(B) करुणा
(C) क्रोध
(D) प्रसन्नता - तताँरा को कोई राह न सूझने के कारणों पर विचार कीजिए और उचित विकल्प का चयन कीजिए।
(i) आत्मसमर्पण का भाव
(ii) वामीरो से अत्यधिक प्रेम
(iii) तलवार की दैवीय शक्ति
(iv) गाँव वालों के प्रति रोष
(A) (i) और (iii)
(B) (i), (iii), (iv)
(C) केवल (iii)
(D) (i), (ii) और (iv) - निम्नलिखित कथन-कारण को पढ़कर उचित विकल्प का चयन कीजिए।
कथन (A): लोगों ने ऐसे दृश्य की कल्पना न की थी।
कारण (R): ग्रामवासियों ने यह कदापि न सोचा था कि तताँरा की प्रतिक्रिया इतनी विनाशकारी सिद्ध हो सकती है।
(A) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों गलत है।
(B) कथन (A) गलत है लेकिन कारण (R) सही है।
(C) कथन (A) सही है लेकिन कारण (R) उसकी गलत व्याख्या करता है।
(D) कथन (A) तथा कारण (R) दोनों सही हैं तथा कारण (R) कथन (A) की सही व्याख्या करता है। - तताँरा और वामीरो अलग कैसे हुए?
(A) अपमान के डर से
(B) गाँव वालों के दबाव में
(C) पशु मैले की भीड़ के कारण
(D) भूमि के दो भागों में कटने से - गद्यांश के आधार पर निम्नलिखित में से कौन-सा विचार मेल खाता है -
(A) जो मनुष्य अपने क्रोध को अपने वश में कर लेता है, वह दूसरों के क्रोध से स्वयंमेव बच जाता है। - सुकरात
(B) क्रोध में मनुष्य अपने मन की बात नहीं कहता, वह केवल दूसरों का दिल दुखाना चाहता है। - प्रेमचंद
(C) वह आदमी वास्तव में बुद्धिमान है जो क्रोध में भी गलत बात मुँह से नहीं निकालता। - शेखसादी
(D) ईर्ष्या, लोभ, क्रोध एवं कठोर वचन - इन चारों से सदा बचते रहना ही वस्तुतः धर्म है। - तिरुवल्लुवर
'तताँरा-वामीरो कथा' के आधार पर बताइए कि पशु-पर्व में तताँरा द्वारा तलवार खींचने का प्रमुख कारण क्या रहा होगा?
'तताँरा-वामीरों कथा' में तताँरा की कौन सी विशेषताँए उभरकर आती हैं?
