Advertisements
Advertisements
Question
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् लोट् | जानीते ______ | जानाते जानावहै |
______ जानामहै |
Advertisements
Solution
| धातवः | अर्थ : | लकार: | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| ज्ञा (९ उ.प.) | अवगच्छति | लट् लोट् | जानीते जानै | जानाते जानावहै |
जानते जानामहै |
RELATED QUESTIONS
समानार्थकशब्दान् / विरुद्धार्थकशब्दान् लिखत ।
तुरगः = ______
सूचनानुसारं कृतीः कुरुत ।
राक्षसेभ्यः जनकस्य सुतां हृत्वा परी ययौ।
(वाक्यं लङ्लकारे परिवर्तयत।)
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
पञ्चाशीतिः - ______
सङ्ख्याः अक्षै :/अङ्कंः लिखत ।
१४ - ______
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
पृथुवैन्यस्य निःस्पृहतां ज्ञात्वा स्तुतिगायकाः प्रसन्नाः अभवन् । (पूर्वकालवाचक -त्वान्त- अव्ययं निष्कासयत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत ।
त्वं धनुः त्यज । (त्वं ' स्थाने "भवान्" योजयत ।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
प्रजाजनैः सह कृषिकार्यं कुरु। (लकारं लिखत।)
सुचननुसारं कृतीः कुरुत।
भूमिः स्त्रीरूपं धृत्वा तस्य पुरतः प्रकटिता अभवत्। (पूर्वकालवाचक-त्वान्त-अव्ययं निष्कासयत।)
सन्धिविग्रह कुरुत।
उदर एव ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
त्वं पादान्स्तब्धीकृत्य तिष्ठ । (‘त्वं’ स्थाने ‘भवान्’ योजयत ।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
भवानपि अपरिचितः एव आसीत्। (‘भवान्’ स्थाने ‘त्वं’ योजयत।)
सन्धिविग्रहं कुरुत ।
बकास्तत्र
समासविग्रहं कुरुत-
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| धनधान्यपुष्पफलानि | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| मृगशृगालौ | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| क्षेत्रपति: | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
मे आत्मा कृतार्थतां लभताम्। (लङ्लकारे वाक्यं परिवर्तयत।)
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
शिशिर-ऋतौ पद्यं व्यकसत्। (बहुवचने लिखत।)
सूचनानुसार कृती: कुरुत।
त्वया किं दृष्टम्? (वाच्य परिवर्तनं कुरुत।)
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ब्रह्मभ्याम् | ______ | तृतीया |
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | वर्त्मानि | प्रथमा |
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| संन्यासिनि | ______ | ______ | सप्तमि |
नामतालिकां पूरयत ।
| ए.व. | द्विव. | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | ______ | बलवत : | द्वितीया |
क्रियापदतालिका पूरयत।
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार: |
| स्पृहयेत् | ...... | ...... | प्रथमः | विधिलिङ् |
क्रियापदतालिकां पूरयत
| ए.व. | द्विव. | ब.व | पुरुष: | लकार : |
| ______ | धारयेथाम् | ______ | मध्यमः | लोट् |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पूजार्थम् | ______ | _____ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| पुस्तकपठनम् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| परमाणु: | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| किञ्चिज्ज्ञः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| उद्यानपालः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| शिशिर ऋतुः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| दर्शनार्थम् | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत
| ए. व. | द्विव | ब.व. | विभक्तिः |
| ______ | शाखिनौ | ______ | प्रथमा |
तालिकां पूरयत
| धातवः | अर्थ : | लकार : | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| भुज् (७ उ.) | खादति | लट् विधिलिङ् |
______ भुञ्जीत | भुञ्जाथे भुञ्जीयाताम् |
भुङ्ग्ध्वे ______ |
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
धेनुः वास्तविकी एव ।
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
जनाः न सन्तुष्टाः। (एकवचने लिखत)
सर्वनाम तालिकां पूरयत।
| एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् | विभक्तिः |
| अस्य | ______ | ______ | षष्ठी |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत
रावणः खड्गमुद्धृत्य पक्षौ अच्छिनत् ।
(पूर्वकालवाचकम् अव्ययं निष्कासयत ।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत
आचार्यः स्तोत्रं रचितवान् ।
सपासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| कविपण्डिताः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| आयतलोचना | ______ | ______ |
सूचनानुसारं कृती: कुरुत ।
यो जानाति स पण्डितः । (बहुवचने परिवर्तयत।)
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
श्लोकेषु व्यवस्थापनशास्त्रस्य मूलतत्त्वानि निर्दिष्टानि ।
प्रश्ननिर्माणं कुरुत।
पदवी मया प्राप्ता ।
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| मुच्-मुञ्च् (६ उ.प.) | ______ | ______ | मोचनीय: | मुञ्चन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| रभ् (१ आ.प.) | रब्धः | ______ | ______ | रभमाण : |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| पा-पिब् (१ प.प.) | ______ | ______ | पेयः | पिबन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| प्र + विश् (६ उ.प.) | प्रविष्ट: | ______ | ______ | प्रविशन् |
धातुसाधित-विशेषण-तालिकां पूरयत ।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ / शानच् |
| वद् (१ प.प.) | ______ | उदितवान् | वदनीयः | ______ |
सन्धिविग्रहं कुरुत।
अल्पानामपि - ______
सन्धिविग्रहं कुरुत।
तृणैर्गुणत्वमापनर्बध्यन्ते - ______
उचितं पर्यायं चित्वा वाक्यं पुनर्लिखत ।
______ अवगतम् ।
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| यमराजसहोदरः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| समुद्रसुता | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| प्रतीक्षालयः | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अभ्युदयकृत् | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| अम्भोदाः | ______ | ______ |
नामतालिकां पूरयत ।
| एव् | द्विव | बव | विभक्तिः |
| ______ | ______ | अम्बूनि | प्रथमा |
धातुसाधित -विशेषण- तालिकां पूरयत।
| धातुः | क्त | क्तवतु | कृत्याः | शतृ/शानच् |
| पूज्(१० उ.प.) | ______ | ______ | पूज्यः | पूजयमानः |
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
१६
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
६ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
८०
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९३ - ______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
३२ -______
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
६२
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत -
९८ - ______
समासविग्रहं कुरुत ।
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| व्याघ्रभल्लूको | ______ | ______ |
समासविग्रहं कुरुत
| समस्तपदम् | विग्रहः | समासनाम |
| मानवताधर्मः | ______ | ______ |
लकारं लिखत ।
तत्प्रा यतस्व । - ______
समासविग्रहं कुरुत।
| समस्तपदम् | विग्रहवाक्यम् | समासनाम |
| अल्पधी: | ______ | ______ |
सङ्ख्या: अङ्कैः लिखत।
षटत्रिंशत् -
सूचनानुसारं कृती: कुरुत।
छात्र: लेखं लिखति। (अध्यापक:) (णिजन्तं कुरुत।)
सङ्ख्याः अक्षरैः लिखत।
९०
मञ्जूषात: नामानि सर्वनामानि च पृथक्कुरुत।
| नाम | सर्वनाम |
| ______ | ______ |
(मञ्जूषा - अरण्ये, वयम्, नदी, ता:, रथै:)
मञ्जूषातः विरुदार्थकशब्दान् चित्वा लिखत।
बद्ध: × ______।
