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स्रोत की आवृत्ति को एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ की अनुनासी आवृत्ति के बराबर रखते हु तीन अवयवों L c तथा को समान्तर क्रम में लगाते हैहाल्ल्शाइए किसमान्तर LCR परिपथ में इस आवृत्ति - Physics (भौतिक विज्ञान)

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Question

स्रोत की आवृत्ति को एक श्रेणीबद्ध LCR परिपथ की अनुनासी आवृत्ति के बराबर रखते हु तीन अवयवों L c तथा को समान्तर क्रम में लगाते हैहाल्ल्शाइए कि समान्तर LCR परिपथ में इस आवृत्ति पर कुल धारा न्यूनतम है। इस आवृति के लिए प्रश्न 11 में निर्दिष्ट स्रोत तथा अवयवों के लिए परिपथ की हर शाखा में धारा के rms मान को परिकलित। कीजिए।

Numerical
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Solution

समान्तर LCR परिपथ की प्रतिबाधा Z निम्नलिखित सूत्र द्वारा प्राप्त है -

`1/"Z" = sqrt([1/"R"^2 + (1/"X"_"C" - 1/"X"_"L")^2])`

अनुनादी आवृत्ति के लिए XC = XC

अतः इस स्तिथि में `1/"Z"` न्यूनतम होगी; अतः प्रतिबाधा Z अधिकतम होगी। 

∴ परिपथ में प्रवाहित कुल धारा न्यूनतम होगी। 

Vrms = 230 V, R = 40 Ω, L = 5.0 H

C = 80 × 10-6 F, ω = 50 rad s-1     ...(अनुनादी आवृत्ति)

∵ L, C व R तीनों समान्तर क्रम में जुड़े हैं। 

अतः तीनों के सिरों का विभवान्तर समान (प्रत्येक Vrms = 230 V) होगा। 

अतः प्रतिरोध में धारा `"i"_"R" = "V"_"rms"/"R" = 230/40` = 5.75 A

प्रेरक में धारा `"i"_"L" = "V"_"rms"/(omega"L") = 230/(50 xx 5)` = 0.92 A

संधारित्र में धारा `"i"_"C" = "V"_"rms"/"X"_"C" = omega"C" xx "V"_"rms"`

= 50 × 80 × 10-6 × 230 = 0.92 A

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AC परिपथों में शक्ति - शक्ति गुणांक
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