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Question
सप्रसङ्ग हिन्दीभाषया व्याख्या कार्या
गर्भेश्वरत्वमभिनवयौवनत्वमप्रतिमरूपत्वममानुषशक्तित्वञ्चेति महतीयं खल्वनर्थपरम्परा।
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Solution
प्रस्तुत पंक्ति शुकनासोपदेश नामक पाठ से ली गई है। यह पाठ संस्कृत के महान गद्यकार बाणभट्ट द्वारा रचित कादंबरी से लिया गया है। प्रस्तुत पंक्ति में मंत्री शुकनास युवराज चंद्रापीड़ को अनर्थ के चार कारणों को बताते है-
1. जन्म से ही प्रभुता
2. नया यौवन
3. अति सुंदर रूप
4. अमानुषी शक्ति
इन चारों में से मनुष्य का विनाश करने के लिए कोई एक कारण भी पर्याप्त होता है। जिसके जीवन में चारों ही कारण उपस्थित हो उसके विनाश को कौन रोक सकता है? इसलिए प्रत्येक मनुष्य को घोर अनर्थ से बचने के लिए उक्त चारों वस्तुएं पा कर भी कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।
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| विशेषणम् | विशेष्यम् |
| समतिक्रामत्सु | ते |
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| अतिमलिनम् | लक्षीमद: |
| सचेतसम् | यौवनप्रभवम् |
अधोलिखितपदानि स्वरचित-संस्कृत-वाक्येषु प्रयुड्ध्वम्
सडग्रहार्थम्
अधोलिखितपदानि स्वरचित-संस्कृत-वाक्येषु प्रयुड्ध्वम्
शृण्वन्ति
अधोलिखितपदानि स्वरचित-संस्कृत-वाक्येषु प्रयुड्ध्वम्
स्पृशति।
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत
एवातिगहनम् - ______ + ______
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत
गर्भेश्वरत्वम् = ______ + ______
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत
गुरूपदेशः = ______ + ______
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत।
ह्येवम्
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत
नाभिजनम्
अधोलिखितानां पदानां सन्धि-विच्छेद कुरूत
नोपसर्पति
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| चिकीर्षु: | ______ | ______ |
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| उपदेष्टव्यम् | ______ | ______ |
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| ईक्षते | ______ | ______ |
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| बुध्यते | ______ | ______ |
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| उपशशाम | ______ | ______ |
प्रकृति-प्रत्ययविभाग: क्रियताम ।
| शब्द : | प्रकृति: | प्रत्यय: |
| निन्द्यसे | ______ | ______ |
समासविग्रह कुरूत ।
अनार्या
समासविग्रह कुरूत ।
स्वार्थनिष्पादनपरैः
लक्ष्मी: ______ न रक्षति।
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सरस्वतीपरिगृहीतं ______
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तथा प्रयतेथा: ______ नोपहस्यसे जनै:।
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सप्रसङ्ग हिन्दीभाषया व्याख्या कार्या
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