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समझाइए क्यों ग्रीन्यार अभिकर्मक का विरचन निर्जलीय अवस्थाओं में करना चाहिए? - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

समझाइए क्यों ग्रीन्यार अभिकर्मक का विरचन निर्जलीय अवस्थाओं में करना चाहिए?

Chemical Equations/Structures
Explain
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Solution

ग्रीन्यार अभिकर्मक अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। ये उपकरण के अंदर उपस्थित नमी से अभिक्रिया करते हैं।

\[\ce{\underset{{अभिकर्मक}}{\underset{{ग्रीन्यार}}{\overset{\delta-}{R} \overset{\delta +}{M}g \overset{\delta -}{X}}} + H2O -> \underset{{ऐल्कीन}}{R - H} + Mg (OH) X}\]

अतः ग्रीन्यार अभिकर्मकों को निर्जल परिस्थितियों (anhydrous conditions) में बनाते हैं।

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रासायनिक अभिक्रियाएँ - हैलोएल्केनों की अभिक्रियाएँ - धातुओं के साथ अभिक्रियाएँ
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Chapter 6: हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन - अभ्यास [Page 194]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 12
Chapter 6 हैलाेऐक्लेन तथा हैलाेऐरिन
अभ्यास | Q 6.12 (iii) | Page 194

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