Advertisements
Advertisements
प्रश्न
समझाइए क्यों ग्रीन्यार अभिकर्मक का विरचन निर्जलीय अवस्थाओं में करना चाहिए?
Advertisements
उत्तर
ग्रीन्यार अभिकर्मक अत्यधिक क्रियाशील होते हैं। ये उपकरण के अंदर उपस्थित नमी से अभिक्रिया करते हैं।
\[\ce{\underset{{अभिकर्मक}}{\underset{{ग्रीन्यार}}{\overset{\delta-}{R} \overset{\delta +}{M}g \overset{\delta -}{X}}} + H2O -> \underset{{ऐल्कीन}}{R - H} + Mg (OH) X}\]
अतः ग्रीन्यार अभिकर्मकों को निर्जल परिस्थितियों (anhydrous conditions) में बनाते हैं।
APPEARS IN
संबंधित प्रश्न
निम्नलिखित में A, B, C, D, E, R तथा R1 को पहचानिए-

निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
ब्रोमोमेथेन से प्रोपेनोन
निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
1-क्लोरोब्यूटेन से n-ऑक्टेन
निम्नलिखित परिवर्तन आप कैसे करेंगे?
बेन्जीन से बाइफ़ेनिल
निम्नलिखित अभिक्रिया में बनने वाले मुख्य कार्बनिक उत्पाद की संरचना लिखिए –
\[\ce{C6H5ONa + C2H5Cl ->}\]
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
2-क्लोरोब्यूटेन से 3, 4-डाइमेथिलहेक्सेन
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
क्लोरोएथेन से ब्यूटेन
तब क्या होता है जब शुष्क ईथर की उपस्थिति में ब्रोमोबेन्जीन की अभिक्रिया मैग्नीशियम से होती है?
तब क्या होता है जब शुष्क ईथर की उपस्थिति में मेथिल ब्रोमाइड की अभिक्रिया सोडियम से होती है?
निम्नलिखित परिवर्तन कैसे संपन्न किए जा सकते हैं?
बेन्जीन से डाइफ़ेनिल
