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शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?

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Question

शुष्क हाइड्रोक्लोरिक गैस शुष्क लिटमस पत्र के रंग को क्यों नहीं बदलती है?

Short/Brief Note
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Solution

किसी पदार्थ के pH को प्रभावित करने वाली एकमात्र चीज़ उसके आयन हैं। जल की मौजूदगी में, HCl हाइड्रोजन आयन बनाता है। जल की अनुपस्थिति में, H+ आयन और HCl अणुओं को अलग नहीं किया जा सकता। चूँकि शुष्क HCI में H+ आयन नहीं होते, इसलिए यह अम्ल की विशेषताएँ प्रदर्शित नहीं करता।

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अम्ल एवं क्षारक के रासायनिक गुणधर्म समझना
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Chapter 2: अम्ल, क्षारक एवं लवण - पाठय प्रश्न [Page 27]

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NCERT Vigyaan [Hindi] Class 10
Chapter 2 अम्ल, क्षारक एवं लवण
पाठय प्रश्न | Q 7. | Page 27

RELATED QUESTIONS

परखनली ‘A’ एवं ‘B’ में समान लंबाई की मैग्नीशियम की पट्टी लीजिए। परखनली ‘A’ में हाइड्रोक्लोरिक अम्ल (HCl) तथा परखनली ‘B’ में ऐसिटिक अम्ल (CH3COOH) डालिए। दोनों अम्लों की मात्रा तथा सांद्रता समान हैं। किस परखनली में अधिक तेज़ी से बुदबुदाहट होगी तथा क्यों?


मृदा के एक नमूने को कल में मिश्रित किया गया तथा इसे स्थिर छोड़ दिया गया। स्वच्छ अधिप्लवी विलयन pH पत्र को पीला-नारंगी कर देता है। निम्नलिखित में से कौन-सा pH पत्र के रंग को हरा-नीला कर देगा ?


जब HCl (g) को जल से गुजारते हैं तो निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है/हैं?

  1. यह विलयन में आयनित नहीं होता है क्योंकि यह एक सह-संयोजक यौगिक है।
  2. यह विलयन में आयनित होता है।
  3. यह विलयन में हाइड्रोजन तथा हाइड्रॉक्सिल दोनों आयन देता है।
  4. यह जल के अणु से संयोग के कारण विलयन में हाइड्रोनियम आयन बनता है। 

अम्लों के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सत्य है?


क्लोर-क्षारक प्रक्रम में अभिक्रिया के सही प्रदर्शन को पहचनिए।


सोडियम हाइड्रोक्साइड के निर्माण के लिए प्रयुक्त औद्योगिक प्रक्रमों में से एक में गैस X एक सह-उत्पाद के रूप में बनती है। गैस X चूने के पानी से अभिक्रिया यौगिक Y देती है जो की रासायनिक उद्योगों में विरंजक कारक के रूप में प्रयुक्त होता है। संबंधित अभिक्रिया एवं रासायनिक समीकरण देते हुए X तथा Y को पहचानिए।


प्रबल एवं दुर्बल अम्ल क्या है? अम्लों की निम्नलिखित सूचि से प्रबल अम्लों को दुर्बल अम्लों से पृथक कीजिए।

हाड्रोक्लोरिक अम्ल, साइट्रिक अम्ल, ऐसीटिक अम्ल, नाइट्रिक अम्ल, फार्मिक अम्ल, सल्फ्यूरिक अम्ल।


चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

  1. परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
  2. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
  3. जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
  4. तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।

आवर्त सारणी के समूह 2 के तत्त्व का एक सल्फेट, श्वेत एवं मुलायम पदार्थ है जिसको जल में गूँध-गूँध कर विभिन्न प्रकार की आकृतियों में ढाला जा सकता है। जब इस यौगिक को कुछ समय के लिए खुला छोड़ते है तो यह ठोस द्रव्यमान बन जाता है तथा साँचे में ढालने में योग्य नहीं रहता है। सल्फेट लवण को पहचानिए तथा यह इस प्रकार का व्यवहार क्यों प्रदर्शित करता है? संबंधित अभिक्रिया दीजिए।


उदासीनीकरण अभिक्रिया के दो उदाहरण दीजिए।


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