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Question
रूपक के आधार पर प्रेमचंद जी की साहित्यिक विशेषताएँ लिखिए।
Long Answer
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Solution
प्रेमचंद जी हिंदी साहित्य के युग प्रवर्तक लेखक थे। उनके साहित्य में तत्कालीन समाज और इतिहास बोलता है। उनकी रचनाओं में ग्रामीण जीवन की झाँकियाँ, शोषण, गरीबी, अन्याय, शिक्षा, शोक और हर्ष का अत्यंत यथार्थवादी चित्रण मिलता है। उनका दृष्टिकोण सर्वत्र मानवतावादी था। उन्होंने मजदूर, किसान, पूँजीपति, नारी और समाज के उपेक्षित वर्गों को अपने साहित्य का विषय बनाया और समाज-सुधार की राह दिखाई। प्रेमचंद की भाषा सरल, मार्मिक और प्रभावशाली है, जिसमें वे सीधे हृदय को छू लेते हैं। वे शोषित कृषकों की आवाज़, असहाय नारी जाति के समर्थक और गरीबों-बेकसों के सच्चे मसीहा थे। इस प्रकार उनका साहित्य केवल मनोरंजन का साधन न होकर समाज परिवर्तन का दर्पण बन गया।
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गद्य (Prose) (11th Standard)
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