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Question
Read the extract given below and answer in Hindi the questions that follow:
निम्नलिखित अवतरण को पढ़िए और उसके नीचे लिखे प्रश्नों के उत्तर हिन्दी में लिखिए:
| लगभग एक सप्ताह यही क्रम चलता रहा। हर समय एक व्यक्ति उनके पास बैठा रहता। कभी माँ तो कभी मीनू, कभी रोहित तो कभी आशा। उन सबकी सेवा व ईश्वर के आशीर्वाद से पिताजी की दशा में काफी सुधार हो गया। अब वे धीरे-धीरे अपने आप बैठने भी लगे थे, और थोड़ी देर बातें भी कर लेते थे। प्रात: लगभग नौ बजे का समय था। उस समय हल्की वर्षा की बुँदें पड़ रही थी। तभी घर के बाहर एक कार आकर रुकी। |
- 'पिताजी' को क्या हुआ था? डॉक्टर ने उन्हें क्या सलाह दी थी? [2]
- कार से कौन आए थे और क्यों? [2]
- बुआ जी जाते-जाते अपने भैया को क्या-क्या सलाह दे गई? क्या उपर्युक्त अवसर पर उनकी यह सलाह उचित थी? समझाइए। [3]
- पिताजी द्वारा मीनू को शादी का सुझाव दिए जाने पर मीनू ने उन्हें क्या कहकर समझाया? [3]
Answer in Brief
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Solution
- पिताजी को दिल का दौरा पड़ा था। डॉक्टर ने उन्हें ज्यादा बोलने के लिए मना किया था तथा पूर्ण आराम करने को कहा था।
- पिताजी की बीमारी की खबर सुनकर उन्हें देखने के लिए कार से मीनू के बुआ और फूफाजी आये थे।
- बुआ जी ने कहा कि जवान बेटियों की तो बड़ी भारी जिम्मेदारी होती है। इनकी शादी हो जाएगी तो तुझे कम से कम छुट्टी मिल जाएगी। और रोहित तो लड़का है। उसकी कोई बात नहीं है। माता-पिता के लिए बच्चों के प्रति जिम्मेदारी हमेशा बनी रहती है। बुआ जी का ऐसा कहना उचित नहीं था वास्तविकता में ऐसा नहीं होता है। बुआजी को अपने भाई को साथ देने की बात कहनी चाहिए न कि उनकी जिम्मेदारी बताकर उनकी चिंता बढ़ाने की। लड़का-लड़की एक समान है। उस समय पर यह सलाह पूर्णतः अनुचित थी।
- मीनू ने समझाया कि जो बात उचित हो उसे करने के लिए दिल हमेशा गवाही देता है। मैं जिस उद्देश्य को लेकर चल रही हूँ, क्या मैं उसे बीच में ही छोड़ दूँ? यदि मैं पढ़ाई बीच में ही छोड़कर शादी कर लूँ, तो क्या आपका दिल गवाही देगा। मैं जिस मंजिल पर पहुँचना चाहती हूँ, उस पर पहुँचने के बाद मेरे साथ-साथ आपको भी बहुत प्रसन्नता होगी।
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अपठित गद्यांश
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