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Question
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा- काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
विद्या ददाति विनय
विनयाद् याति पात्रताम्
पात्रत्वाद् धनमाप्नोति
धनाद् धर्मः ततः सुखम्।
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Solution
विद्या ददाति विनय
विनयाद् याति पात्रताम्
पात्रत्वाद् धनमाप्नोति
धनाद् धर्मः ततः सुखम्।
RELATED QUESTIONS
उचितपदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ पठन्ति।
मञ्जूषायाः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
| (पुत्रः आगच्छति।) | |
| अमितः | मातः! अतीव बुभुक्षा बाधते माम्। किं भोजन सज्जम्? |
| अम्बा | आम् पुत्र! ______ कुरु। |
| अमितः | किं ______? |
| अम्बा | तोरिका। |
| अमितः | अहो बहिर्गन्तव्यम्। विलम्बः भवति। बुभुक्षा नास्ति। |
| अम्बा | (हसन्ती) ‘तोरिका’ इति कथने ______ समाप्ता किम्? |
| अमितः | (हसन्) एवं नास्ति मातः! |
| अम्बा | तहिं ______ कुत्र खादिष्यसि? |
| अमितः | न जानामि। |
| अम्बा | तहिं आगच्छा। उष्णं शाकं ______ च खाद। |
| अमितः | अस्तु, शीघ्रं खादित्वा। गच्छामि। |
| रोटिका, शाकं रोटिकां च, बुभुक्षा, पक्वम्, भोजनम् |
उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत –
तत्र ताः ______ कुर्वन्ति। (व्यायाम)
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| शाखा | द्वितीया | शाखाम् | शाखे | शाखाः |
| जिव्हा | ______ | ______ | ______ | ______ |
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
गृहे आनन्दमयं वातावरण ______ भवति।
अधोलिखितश्लोकेभ्यः तृतीयाविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
पुत्राश्च विविधैः शीलैंर्नियोज्याः सततं बुधैः।
नीतिज्ञाः शीलसम्पन्ना भवन्ति कुलपूजिताः।
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
सः जनः______ अन्धः तथापि पराश्रितः न अस्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
जनाः ______ किं किं न कुर्वन्ति।
चतुर्थी-विभक्तियुक्तपदानि स्थूलरेखया चिह्नतानि कुरुत पृथक्तया लिखत च –
विद्या विवादाय धनं मदाय।
कोष्ठके प्रदत्तशब्दैः सह उचितविभक्तिं प्रयुज्य रिक्तस्थानानि पूरयत।
______ अङ्कुरः प्रभवति। (बीज)
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा-काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
सत्यात् अपि हितं वदेत्।
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| यथा- मित्रम् | पञ्चमी | मित्रम् | मित्राभ्याम् | मित्रेभ्यः |
| गात्रम् | ______ | ______ | ______ | ______ |
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
नित्यं वृद्धोपसेविनः।
चत्वारि तस्य वर्धन्ते
आयुर्विद्या यशो बलम्।
| अभिवादनशीलस्य | वृद्धोपसेविनः |
| तस्य | |
षष्ठीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
मानो हि महतां धनम्।
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| क्षमा | ||
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| वेद | ||
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| नदी | ||
| ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| विद्या | ||
| ______ | ______ | ______ |
प्रदत्तम् उदाहरणम् अनुसृत्य षष्ठीविभक्तिम् उपयुज्य पञ्च वाक्यानि लिखत।
उदाहरणम् –
1. अहं विद्यायाः महत्त्वं जानामि।
2. कृषकस्य क्षेत्र हरितम् अस्ति।
