Advertisements
Advertisements
Question
अधोलिखितश्लोकेभ्यः तृतीयाविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
मनसा चिन्तितं कार्य वाचा नैव प्रकाशयेत्।
मन्त्रेण रक्षयेद् गूढ कार्ये चाऽपि नियोजयेत्।।
| ______ | ______ | ______ |
Advertisements
Solution
| मनसा | वाचा | मन्त्रेण |
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
उचितपदानि चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
______ पतति।
सार्थक पदं लिखत –
| कः | शि | क्ष |
मञ्जूषायाः उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
| (पुत्रः आगच्छति।) | |
| अमितः | मातः! अतीव बुभुक्षा बाधते माम्। किं भोजन सज्जम्? |
| अम्बा | आम् पुत्र! ______ कुरु। |
| अमितः | किं ______? |
| अम्बा | तोरिका। |
| अमितः | अहो बहिर्गन्तव्यम्। विलम्बः भवति। बुभुक्षा नास्ति। |
| अम्बा | (हसन्ती) ‘तोरिका’ इति कथने ______ समाप्ता किम्? |
| अमितः | (हसन्) एवं नास्ति मातः! |
| अम्बा | तहिं ______ कुत्र खादिष्यसि? |
| अमितः | न जानामि। |
| अम्बा | तहिं आगच्छा। उष्णं शाकं ______ च खाद। |
| अमितः | अस्तु, शीघ्रं खादित्वा। गच्छामि। |
| रोटिका, शाकं रोटिकां च, बुभुक्षा, पक्वम्, भोजनम् |
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| जन | द्वितीया | जनम् | जनौ | जनान् |
| पुरूष | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| शाखा | द्वितीया | शाखाम् | शाखे | शाखाः |
| लता | ______ | ______ | ______ | ______ |
उदाहरणानुसारं लिखित –
| शब्द: | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुचनम् |
| शाखा | द्वितीया | शाखाम् | शाखे | शाखाः |
| जिव्हा | ______ | ______ | ______ | ______ |
कर्मकारक द्वितीयाविभक्तिं च प्रयुज्य प्रदत्तम् उदाहरणम् अनुसृत्य पञ्च वाक्यानि लिखत।
उदाहरणाम् –
1. कौमुदी संस्कृतं पठति।
2. वत्सला आम्रं खादति।
उचितपदेन रिक्तस्थानानि पूरयत –
सभागारे जनाः ______ सह चर्चा कुर्वन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
पुत्रः ______ सह गच्छति।
अधोलिखितशब्दान् उदाहरणानुसारं लिखत –
| लता | ||
| लतायै | लताभ्याम् | लताभ्यः |
| शाखा | ||
| ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
जनाः ______ किं किं न कुर्वन्ति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा लिखत –
कुक्कुरः ______ इतस्ततः भ्रमति।
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा- काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
धैयात् कदाचित् स्थितिम् आप्नुयात् सः।
पंचमीविभक्तियुक्तपदं उदाहरणानुसारं चिह्नितं कुरुत –
यथा-काष्ठात् अग्निः जायते मध्यमानात्।
सत्यात् अपि हितं वदेत्।
उदाहरणानुसारं लिखत –
| शब्दः | विभक्तिः | एकवचनम् | द्विवचनम् | बहुवचनम् |
| यथा- सैनिकः | पञ्चमी | सैनेकात | सैनेकाभ्याम् | सैनेकेभ्यः |
| मनुष्यः | ______ | ______ | ______ | ______ |
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
बालः ______ अङ्के उपविशति।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
वृक्षाः ______ आधारभूताः सन्ति ।
कोष्ठकात् उचितं पदं चित्वा रिक्तस्थानानि पूरयत –
अद्यत्वे ______ जीवनं कष्टमयं जायते।
उदाहरणानुसारं लिखत –
यथा-
| नर | ||
| नरस्य | नर्योः | नराणां |
| वेद | ||
| ______ | ______ | ______ |
सप्तमीविभक्तियुक्तपदानि चित्वा लिखत –
उत्सवे व्यसने चैव
दुर्भिक्षे शत्रुविग्रहे।
राजद्वारे श्मशाने च,
यस्तिष्ठति स बान्धवः।

