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ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है- CHX4(g)+HX2O(g)↽−−⇀CO(g)+3HX2(g) Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित

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Question

निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

Kp एवं अभिक्रिया मिश्रण का साम्य पर संघटन किस प्रकार प्रभावित होगा, यदि?

  1. दाब बढ़ा दिया जाए।
  2. ताप बढ़ा दिया जाए।
  3. उत्प्रेरक प्रयुक्त किया जाए।
Short/Brief Note
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Solution

  1. ला-शातेलिए सिद्धांत के अनुसार साम्य पश्च दिशा में विस्थापित होगा।
  2. चूँकि दी गयी अभिक्रिया ऊष्माशोषी है, अत: साम्य अग्र दिशा में विस्थापित होगा।
  3.  साम्यावस्था भंग नहीं होगी लेकिन साम्यावस्था शीघ्र प्राप्त होगी।
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साम्य को प्रभावित करने वाले कारक
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Chapter 6: साम्यावस्था - अभ्यास [Page 231]

APPEARS IN

NCERT Rasayan bhag 1 aur 2 [Hindi] Class 11
Chapter 6 साम्यावस्था
अभ्यास | Q 7.28 (ख ) | Page 231

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अभिक्रिया \[\ce{N2(g) + 3H2(g) ⇌ 2NH3(g)}\] के लिए (500 K पर) साम्य स्थिरांक Kc = 0.061 है। एक विशेष समय पर मिश्रण का संघटन इस प्रकार है- 3.0 mol L-1 N2, 2.0 mol L-1 H2 एवं 0.5 mol L-1 NH3 क्या अभिक्रिया साम्य में है? यदि नहीं, तो साम्य स्थापित करने के लिए अभिक्रिया किस दिशा में अग्रसरित होगी?


निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{CaO(s) + CO2(g) ⇌ CaCO3(s)}\]


निम्नलिखित में से साम्य में जब आयतन बढ़ाकर दाब कम किया जाता है, तब बतलाइए कि अभिक्रिया के उत्पाद के मोलों की संख्या बढ़ती है या घटती है या समान रहती है?

\[\ce{3Fe(s) + 4H2O(g) ⇌ Fe3O4(s) + 4H2(g)}\]


बताइए कि निम्नलिखित में से किस अभिक्रिया में अभिकारकों एवं उत्पादों की सांद्रता सुप्रेक्ष्य होगी-

(क) \[\ce{Cl2(g) ⇌ 2Cl(g) K_c = 5 × 10^{-39}}\]

(ख) \[\ce{Cl2(g) + 2NO(g) ⇌ 2NOCl(g) K_c = 3.7 × 10^8}\]

(ग) \[\ce{Cl2(g) + 2NO2(g) ⇌ 2NO2Cl(g) K_c = 1.8}\]


25°C पर अभिक्रिया \[\ce{3O2(g) ⇌ 2O3 (g)}\] के लिए Kc का मान 2.0 x 10-50 है। यदि वायु में 25°C ताप पर O2 की साम्यावस्था सांद्रता 1.6 x 10-2 है, तो O3 की सांद्रता क्या होगी?


\[\ce{CO(g) +3H2(g)⇌CH4(g) + H2O(g)}\] अभिक्रिया एक लीटर फ्लास्क में 1300 K पर साम्यावस्था में है। इसमें CO के 0.3 मोल, H2 के 0.01 मोल, H2O के 0.02 मोल एवं CH4 की अज्ञात मात्रा है। दिए गए ताप पर अभिक्रिया के लिए Kc का मान 3.90 है। मिश्रण में CH4 की मात्रा ज्ञात कीजिए।


संयुग्मी अम्ल-क्षार युग्म का क्या अर्थ है? निम्नलिखित स्पीशीज़ के लिए संयुग्मी अम्ल/क्षार बताइए-

HNO2, CN, HClO4, F, OH, \[\ce{CO^{2-}_3}\] एवं S2-


स्पीशीज़ H2O, \[\ce{HCO^-_3}\], \[\ce{HSO^-_4}\] तथा NH3 ब्रन्स्टेद अम्ल तथा क्षारक-दोनों की भाँति व्यवहार करते हैं। प्रत्येक के संयुग्मी अम्ल तथा क्षारक बताइए।


फीनॉल का आयनन स्थिरांक 1.0 × 10-10 है। 0.05 M फीनॉल के विलयन में फीनॉलेट आयन की सांद्रता तथा 0.01 M सोडियम फीनेट विलयन में उसके आयनन की मात्रा ज्ञात कीजिए।


निम्नलिखित ऊष्माशोषी अभिक्रिया के अनुसार ऑक्सीकरण द्वारा डाइहाइड्रोजन गैस प्राकृतिक गैस से प्राप्त की जाती है-

\[\ce{CH4(g) + H2O(g) ⇌ CO(g) + 3H2(g)}\]

उपर्युक्त अभिक्रिया के लिए Kp का व्यंजक लिखिए।


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