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Question
न्यूक्लिऑनों के एक युग्म की स्थितिज ऊर्जा को उनके बीच की दूरी के फलन के रूप में आलेखित कीजिए। इस आलेख के आधार पर निकाले जा सकने वाले कोई दो महत्त्वपूर्ण निष्कर्ष लिखिए।
Graph
Short Answer
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Solution

निष्कर्ष:
- नाभिकीय बल की अल्प परास प्रकृति: नाभिकीय बल केवल बहुत कम दूरी तक ही प्रभावी होता है। इस दूरी से आगे स्थितिज ऊर्जा शून्य के करीब पहुँच जाती है, जो नगण्य अन्योन्य क्रिया को दर्शाती है।
- अल्प दूरियों पर प्रतिकर्षी क्रोड: बहुत कम पृथक्करण पर स्थितिज ऊर्जा में उल्लेखनीय वृद्धि होती है, जो एक शक्तिशाली प्रतिकर्षी बल का संकेत देती है। यह नाभिक को स्थायित्व प्रदान करता है और न्यूक्लिऑनों को एक-दूसरे में समाहित होने से रोकता है।
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2025-2026 (March) 55/1/1
