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Question
निम्नलिखित विषय पर 80 से 100 शब्दों में निबंध लिखिए:
पेड़ की आत्मकथा।
Writing Skills
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Solution
पेड़ की आत्मकथा
मैं एक विशाल बरगद का पेड़ हूँ। आज मैं आपको अपनी जीवन यात्रा सुनाना चाहता हूँ। मेरा जन्म एक नन्हे से बीज के रूप में हुआ था। मिट्टी की गोद में दबकर, बारिश की बूंदों से जीवन पाकर, मैं धीरे-धीरे अंकुरित हुआ और धरती के बाहर की सुंदर दुनिया देखी। धूप, हवा और पानी के साथ संघर्ष करते हुए आज मैं एक घने और छायादार पेड़ के रूप में खड़ा हूँ।
मेरा जीवन परोपकार का सबसे बड़ा उदाहरण है। मैं निस्वार्थ भाव से सबको ऑक्सीजन प्रदान करता हूँ, जो मानव जीवन के लिए अनिवार्य है। भीषण गर्मी में थककर जब कोई राहगीर मेरी छांव में बैठता है, तो उसकी शांति देखकर मुझे आत्मसंतुष्टि मिलती है। पशु-पक्षी मुझ पर अपना बसेरा बनाते हैं, उनके चहचहाने से मेरा आँगन गूँज उठता है। मैं न केवल फल और फूल देता हूँ, बल्कि वातावरण को शुद्ध रखकर पर्यावरण का संतुलन भी बनाए रखता हूँ।
परंतु, आज का मनुष्य अपने स्वार्थ में अंधा होकर मेरे अस्तित्व को मिटाने पर तुला है। जब कोई कुल्हाड़ी लेकर मेरे शरीर पर प्रहार करता है, तो मुझे बहुत दर्द होता है। लोग भूल जाते हैं कि यदि पेड़ नहीं रहेंगे, तो धरती पर जीवन का अंत निश्चित है। प्रदूषण बढ़ रहा है और हरियाली कम हो रही है, जो भविष्य के लिए एक बड़ा खतरा है।
अंत में, मैं बस यही कहना चाहता हूँ कि मैं तुम्हारा मित्र हूँ। मुझे काटो मत, बल्कि और अधिक पेड़ लगाओ। मेरी रक्षा करना ही मानवता की रक्षा करना है। यदि मैं सुरक्षित रहूँ, तभी आने वाली पीढ़ी को शुद्ध हवा और हरियाली मिल सकेगी।
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