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Question
निम्नलिखित वाक्यों में सरल वाक्य नहीं है -
Options
इतने बादशाहों के नाम याद रखना आसान काम नहीं है।
उनकी ऐसी हालत देखकर मुझे उन पर दया आती थी
न जाने कैसे मैं अपने दरज़े में अव्वल आ गया।
हालाँकि में पास हो गया फिर भी मेरा तिरस्कार हुआ।
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Solution
हालाँकि में पास हो गया फिर भी मेरा तिरस्कार हुआ।
RELATED QUESTIONS
कोष्ठक मेंदी गई सूचना केअनुसार अर्थ केआधार पर वाक्य परिवर्तन करके फिर से लिखिए :
दया निर्बल थी, वह इतना भार सहन न कर सकी। (निषेधात्मक वाक्य)
कोष्ठक मेंदी गई सूचना केअनुसार अर्थ केआधार पर वाक्य परिवर्तन करके फिर से लिखिए :
ऐसे समय वह तुम्हारी बात न सुने। (विधि वाक्य)
निम्नलिखित मिश्र वाक्यों के उपवाक्य छाँटकर भेद भी लिखिए -
यह ज़रुर है कि शहनाई और डुमराँव एक-दूसरे के लिए उपयोगी हैं।
निम्नलिखित वाक्यों के सामने दिए कोष्ठक में (✓) का चिह्न लगाकर बताएँ कि वह वाक्य किस प्रकार का है −
मैं तुम्हारा रास्ता छोड़ दूँगा।
अर्थ के आधार पर निम्न वाक्य के भेद लिखिए :
आप उन गहनों की चिंता न करें।
अर्थ के आधार पर निम्न वाक्य के भेद लिखिए :
हाय ! कितनी निर्दयी हूँ मैं।
अर्थ के आधार पर निम्न वाक्य के भेद लिखिए :
तुम्हारी बात मुझे अच्छी नहीं लगी।
निम्नलिखित वाक्य का कोष्ठक में दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
लिखने से पहले तो मैंने पढ़ना शुरू किया था। (निषेधार्थक वाक्य)
वाक्य भेद पहचानकर लिखिए:
आपको सरदर्द कितने समय से है? (अर्थ के अनुसार)
'सूर्योदय होते ही प्रकृति का सौंदर्य खिल उठता है।' इसका संयुक्त वाक्य होगा -
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचनानुसार परिवर्तन कीजिए:
राम वहाँ पर बैठा था। (प्रश्नार्थक वाक्य)
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
ताजगी महसूस होती है। (निषेधार्थक वाक्य)
कॉलम 1 को कॉलम 2 से सुमेलित कीजिए और सही विकल्प का चयन कीजिए?
| कॉलम 1 | कॉलम 2 |
| 1. सुरेश के आ जाने से सब प्रसन्न हो गए। | i. मिश्र वाक्य |
| 2. मैं युवा थी और शीला अग्रवाल की जोशीली बातों ने रगों में बहते खून को लावे में बदल दिया था। | ii. सरल वाक्य |
| 3. कुछ लोग इसलिए दान करते हैं कि उनका नाम हो। | iii. संयुक्त वाक्य |
निम्नलिखित में से उपयुक्त सरल वाक्य छाँटिए -
'जब से कानून भंग का काम शुरू हुआ है तब से आज तक इतनी बड़ी सभा ऐसे मैदान में नहीं की गई थी।' रचना के आधार पर वाक्य भेद है -
'शैलेंद्र का दृढ़ मंतव्य था कि दर्शकों की रुचि की आड़ में हमें उथलेपन को उनपर नहीं थोपना चाहिए।' रचना के आधार पर इस वाक्य का भेद होगा -
'थैला उठाकर बच्चा विद्यालय की ओर निकल पड़ा' इसे संयुक्त वाक्य में बदलने पर होगा -
निम्नलिखित वाक्यों में मिश्र वाक्य है:
"लोगों से माँगकर खा लेते थे और पूजा-पाठ की भावना जाग्रत करते थे।" -रचना के आधार पर वाक्य-भेद है।
निम्नलिखित वाक्य का अर्थ के आधार पर दी गई सूचना के अनुसार परिवर्तन कीजिए:
यह एक भोले इनसान का विश्वास था। (निषेधार्थक वाक्य)
