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निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए: ऊर्ध्वतम ही है चलना जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती ! छूट गए पीछे कस्तूरी मृगवाले वे मधु

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Question

निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृतियाँ कीजिए:

ऊर्ध्वतम ही है चलना
जैसे पृथिवी चलकर गौरीशंकर बनती !
छूट गए पीछे
कस्तूरी मृगवाले वे मधु मानव-से उत्सव जंगल,
ग्रीष्म तपे
तँबियारे झरे पात की
वे वनानियाँ, गिरे चीड़फूलों से लदी भूमि
औ’ औषधियों के वल्कल पहने
परम हितैषी वृक्ष
सभी कुछ छूट गए ।

(1) उचित मिलान कीजिए:     (2)

  अ उत्तर आ
(i) औषधि   ताप
(ii) ग्रीष्म   वल्कल
(iii) कस्तूरी   पात
(iv) तौबियारे   उत्सव
(v)     मृग

(2) पद्यांश से ढूँढ़कर लिखिए:     (2)

  1. विलोम शब्द:
    1. आगे × ______
    2. अहितैषी × ______
  2. समानार्थी शब्द :
    1. पेड़ = ______
    2. वन = ______

(3) प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए।     (2)

Comprehension
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Solution

(1)

  अ उत्तर आ
(i) औषधि वल्कल ताप
(ii) ग्रीष्म ताप वल्कल
(iii) कस्तूरी मृग पात
(iv) तौबियारे पात उत्सव
(v)     मृग

(2)


    1. आगे × पीछे
    2. अहितैषी ×परम हितैषी

    1. पेड़ = वृक्ष
    2. वन = जंगल

(3) सबसे उच्चतम लक्ष्य की ओर अग्रसर होना ही जीवन का सार है, जैसे पृथ्वी अपने पथ पर चलते हुए गौरीशंकर (माउंट एवरेस्ट) तक पहुँचती है।

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हिम
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विशेषताएँ लिखिए : 

हवा - ______ 


विशेषताएँ लिखिए : 

झरने - ______ 


कविता (हिम) की अंतिम छह पंक्‍तियों का भावार्थ लिखिए।

घाटी या कि नदी में
गिर सकने वाली वे
पर्वत थामे चली जा रहीं
पगवाटें भी छूट गईं
सब छूट गईं
जैसे सांसारिकताएँ थीं ये भी। 


निम्न मुद्दों के आधार पर पद्य विश्लेषण कीजिए :

१. रचनाकार का नाम

२. रचना का प्रकार

३. पसंदीदा पंक्ति

४. पसंद होने का कारण

५. रचना से प्राप्त प्रेरणा 


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