Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित पठित पद्यांश पढ़कर दी गई सूचनाओं के अनुसार कृति कीजिए:
|
भारतभूमि के वंदन हित, राष्ट्रदेव के अभिनंदन हित, जन-जन में चेतना जगाएँ। चलो आज हम दीप जलाएँ। आजादी के उस प्रताप का रक्त गिरा था जहाँ जहाँ पर, राणा के चेतक की टापें जहाँ जहाँ थीं पड़ी, वहाँ पर! और बिलाव घास की रोटी ले भागा था जिन कुंजों में, नन्हीं भूखी राजकुमारी, बिलख रही थी खड़ी जहाँ पर। हल्दी घाटी की परती पर, आजादी की उस धरती पर चलो आज आरती सजाएँ। चलो आज हम दीप जलाएँ। |
- उचित मिलान कीजिए: [2]
अ आ (i) मातृभूमि चेतना (ii) चेतक भूखी (iii) राजकुमारी वंदन (iv) जन-जन में टापें -
- निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- घास ............
- दीप ............
- निम्नलिखित शब्दों में प्रत्यय जोड़कर प्रत्यययुक्त शब्द लिखिए: [1]
- आजाद ............
- वंदन ............
- निम्नलिखित शब्दों के लिंग पहचानकर लिखिए: [1]
- प्रथम चार पंक्तियों का सरल अर्थ 25 से 30 शब्दों में लिखिए। [2]
Comprehension
Advertisements
Solution
अ आ (i) मातृभूमि वंदन (ii) चेतक टापें (iii) राजकुमारी भूखी (iv) जन-जन में चेतना
- घास − स्त्रीलिंग
- दीप − पुल्लिंग
-
- आजाद − आज़ादी
- वंदन − वंदनीय
- कवि कहता है कि हमें अपनी मातृभूमि और राष्ट्र की भलाई के लिए जन-जन में जागरूकता फैलानी चाहिए। देश के सम्मान और उन्नति के लिए हमें आज दीप जलाकर संकल्प लेना चाहिए।
shaalaa.com
Is there an error in this question or solution?
2025-2026 (March) Official Board paper
