Advertisements
Advertisements
Question
निम्नलिखित प्रश्न को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का लगभग 40 शब्दों में उत्तर दीजिए:
कविता 'बात सीधी थी पर' - में किसी बात को पेचीदा कैसे किया जाता है?
Advertisements
Solution
कविता 'बात सीधी थी पर' में कवि कुँवर नारायण बताते हैं कि उनकी कविता के भाव सीधे और सरल थे, जिन्हें श्रोता और पाठक आसानी से समझ सकते थे। लेकिन भाषा को प्रभावी और आकर्षक बनाने के प्रयास में कवि ने शब्दों और वाक्यों में उलटफेर किया, जिससे कविता जटिल बन गई। कवि ने यह सोचा कि भाषा में बदलाव से उनके भाव बेहतर ढंग से लोगों तक पहुँच सकेंगे, लेकिन इसके उलट, कविता और भी पेचीदा हो गई। भाषा की इस जटिलता ने कविता के वास्तविक भावों को अस्पष्ट कर दिया, जिससे पाठक और श्रोता उन भावों को समझ नहीं पाए। कवि की हर कोशिश के बावजूद, उनकी बात उलझती चली गई और अंततः कविता केवल शब्दों का जाल बनकर रह गई, जिसमें भावों की स्पष्टता खो गई।
