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Question
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?
(i) [Co(NH3)6]3+
(ii) [Co(NH3)4Cl2]+
(iii) [Ni(CN)4]2–
(iv) [Ni(NH3)4Cl2]
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Solution
(i) [Co(NH3)6]3+
(iii) [Ni(CN)4]2–
स्पष्टीकरण:
संकुल जिनमें धातु परमाणु केवल एक प्रकार के दाता समूह से जुड़ा रहता है, उदाहरणार्थ [Co(NH3)6]3+, होमोलेप्टिक संकुल कहलाते हैं।
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निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –
[Mn(H2O)6]SO4
1 mol CrCl3⋅6H2O की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 3 mol प्राप्त हुए। संकुल का सूत्र है ______।
कीलेशन द्वारा उपसहसंयोजन यौगिकों का स्थायित्व कीलेट प्रभाव कहलाता है। निम्नलिखित में से कौन-सी संकुल स्पीशीज़ सर्वाधिक स्थायी है?
निम्नलिखित में से कौन-से संकुल हेट्रोलेप्टिक हैं?
(i) [Cr(NH3)6]3+
(ii) [Fe(NH3)4Cl2]+
(iii) [Mn(CN)6]4–
(iv) [Co(NH3)4Cl2]
एथेन-1, 2-डाइऐमीन के लिगंड की तरह व्यवहार के संबंध में सही कथन हैं-
(i) यह उदासीन लिगंड है।
(ii) यह द्विदंतुर लिगंड है।
(iii) यह कीलेटी लिगंड है।
(iv) यह एकदंतुर लिगंड है।
कॉलम I में दिए गए यौगिकों और इनमें उपस्थित कोबाल्ट की कॉलम II में दी गई ऑक्सीकरण अवस्थाओं को सुमेलित कीजिए और सही कोड प्रदान कीजिए।
| कॉलम I (यौगिक) | कॉलम II (Co की ऑक्सीकरण अवस्था) |
| (A) [Co(NCS)(NH3)5](SO3) | (1) + 4 |
| (B) [Co(NH3)4Cl2]SO4 | (2) 0 |
| (C) Na4[Co(S2O3)3] | (3) + 1 |
| (D) [Co2(CO)8] | (4) + 2 |
| (5) + 3 |
अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।
तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
उपसहसंयोजन बहुफलक
दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।
होमोलेप्टिक
उभयदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?
