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अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं। तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

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Question

अभिकथन: आविषी धातु आयन कीलेटी लिगंडों द्वारा निष्काषित किए जाते हैं।

तर्क: कीलेट संकुलों की प्रवृत्ति अधिक स्थायी होने की होती है।

Options

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

  • अभिकथन और तर्क दोनों सही कथन हैं परंतु तर्क अभिकथन का स्पष्टीकरण नहीं है।

  • अभिकथन सही है परंतु तर्क गलत कथन है।

  • अभिकथन गलत है परंतु तर्क सही कथन है।

MCQ
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Solution

अभिकथन और तर्क दोनों सही हैं और तर्क अभिकथन का सही स्पष्टीकरण है।

स्पष्टीकरण:

टॉक्सिक मेटल आयनों को कीलेटिंग लिगेंड द्वारा हटा दिया जाता है। कीलेट संकुल अधिक स्थिर होते हैं।

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उपसहसंयोजन यौगिकों से संबंधित कुछ प्रमुख पारिभाषिक शब्द व उनकी परिभाषाएं
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Chapter 9: उपसहसंयोजन यौगिक - अभ्यास [Page 135]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Chemistry [Hindi] Class 12
Chapter 9 उपसहसंयोजन यौगिक
अभ्यास | Q V. 41. | Page 135

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दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

समन्वय समूह


निम्न संकुल में केंद्रीय धातु आयन की ऑक्सीकरण अवस्था, d-कक्षकों का अधिग्रहण एवं उपसहसंयोजन संख्या बतलाइए –

(NH4)2[CoF4]


K[Co(CO)4] में कोबाल्ट (Co) की ऑक्सीकरण संख्या है –


निम्नलिखित में सर्वाधिक स्थायी संकुल है –


Cu2+ द्वारा बनाए जाने वाले निम्नलिखित संकुलों में से कौन-सा सर्वाधिक स्थायी है?


0.1 mol CoCl3 (NH3)5 की AgNO3 के आधिक्य से अभिक्रिया कराने पर AgCl के 0.2 mol प्राप्त होते हैं। विलयन की चालकता ______ के समकक्ष होगी।


निम्नलिखित में से कौन-से संकुल होमोलेप्टिक हैं?

(i) [Co(NH3)6]3+

(ii) [Co(NH3)4Cl2]+

(iii) [Ni(CN)4]2–

(iv) [Ni(NH3)4Cl2]


निम्नलिखित संकुलों को उनके विलयनों की बढ़ती हुई चालकता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए-

[Co(NH3)3Cl3], [Co(NH3)4Cl2]Cl, [Co(NH3)6]Cl3, [Cr(NH3)5Cl]Cl2


दो उदाहरण देते हुए निम्नलिखित को समझाइए।

होमोलेप्टिक


उभयदंतुर लिगन्ड से क्या तात्पर्य है?


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