English

निम्नलिखित को अक्रिस्टलीय तथा क्रिस्टलीय ठोसों में वर्गीकृत कीजिए। पॉलियूरिथेन, नैफ्थेलीन, बेन्जोइक अम्ल, टेफ्लॉन, पोटैशियम नाइट्रेट, सेलोफेन, पॉलिवाइर्निल क्लोराइड, रेशा काँच, ताँबा। - Chemistry (रसायन विज्ञान)

Advertisements
Advertisements

Question

निम्नलिखित को अक्रिस्टलीय तथा क्रिस्टलीय ठोसों में वर्गीकृत कीजिए।

पॉलियूरिथेन, नैफ्थेलीन, बेन्जोइक अम्ल, टेफ्लॉन, पोटैशियम नाइट्रेट, सेलोफेन, पॉलिवाइर्निल क्लोराइड, रेशा काँच, ताँबा।

Short/Brief Note
Advertisements

Solution

अक्रिस्टलीय ठोस क्रिस्टलीय ठोस
पॉलियूरिथेन, फ्लॉन, सेलोफेन, पॉलिवाइनिल, क्लोराइड, रेशा काँच। नैफ्थेलीन, बेन्जोइक अम्ल, पोटैशियम नाइट्रेट, ताँबा।
shaalaa.com
अक्रिस्टलीय एवं क्रिस्टलीय ठोस
  Is there an error in this question or solution?

RELATED QUESTIONS

‘अक्रिस्टलीय' पद को परिभाषित कीजिए। अक्रिस्टलीय ठोसों के कुछ उदाहरण दीजिए।


काँच, क्वार्टज जैसे ठोस से किस प्रकार भिन्न है? किन परिस्थितियों में क्वार्टज को काँच में रूपान्तरित किया जा सकता है?


निम्नलिखित में से कौन-सा अभिलक्षण क्रिस्टलीय ठोस का नही है?


निम्नलिखित में से कौन-सा एक अक्रिस्टलीय ठोस है?


क्वार्ट्ज काँच के आपवर्तनांक के मान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य है?


अक्रिस्टलीय ठोसों के विषय में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही नहीं है?


क्रिस्टलीय ठोसों के निश्चित गलनांक का कारण है ______।


अक्रिस्टलीय ठोसों को ______ कह सकते हैं।

  1. छद्म ठोस
  2. वास्तविक ठोस
  3. अतिशीतित द्रव
  4. अतिशीतित ठोस

क्वार्ट्ज़ काँच के निम्नलिखित में से कौन से अभिलक्षण नहीं होते?

(i) यह एक क्रिस्टलीय ठोस होता है।

(ii) सभी दिशाओं में इसका अपवर्तनांक समान होता है।

(iii) इसकी गलन की ऊष्मा निश्चित होती है।

(iv) इसे अतिशीतित द्रव भी कहते हैं।


कणों का दीर्घ परास व्यवस्था क्रम होने पर भी सामान्यत: क्रिस्टल आदर्श क्यों नहीं होते?


Share
Notifications

Englishहिंदीमराठी


      Forgot password?
Use app×