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Question
निम्नलिखित के संभावित कारण दीजिए–
साइक्लोहेक्सेनोन अच्छी लब्धि में सायनोहाइड्रिन बनाता है। परंतु 2, 2, 6-ट्राइमेथिलसाइक्लोहेक्सेनोन ऐसा नहीं करता।
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Solution


α-स्थानों पर तीन मेथिल समूहों की उपस्थिति के कारण CN– आयनों का नाभिकस्नेही आक्रमण नहीं होता है। साइक्लोहेक्सेन में यह स्टेरिक अवरोध अनुपस्थित होता है। अत: CN– आयनों का नाभिकस्नेही आक्रमण शीघ्रता से होता है। अत: साइक्लोहेक्सेनोन सायनोहाइड्रिन अच्छी मात्रा में प्राप्त होता है।
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\[\begin{array}{cc}
\phantom{..............}\ce{O}\\
\phantom{..............}||\\
\ce{R - CH = CH - CHO + NH2 - C - NH - NH2 ->[H+]}\end{array}\]
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