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Question
निम्नलिखित चित्र का ध्यानपूर्वक अध्ययन करें:

इंगित समष्टिगत अर्थशास्त्र संबंधी समस्या को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बैंक द्वारा उठाए जा सकने वाले किन्हीं दो उपकरणों/उपायों की व्याख्या करें।
Explain
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Solution
यह स्थिति “अपर्याप्त माँग” (deficient demand) अथवा “अवस्फीतिक अंतराल” (Deflationary gap) कहलाती है। इसमें समष्टि माँग पूर्ण-रोजगार स्तर से कम होती है; परिणामतः मुद्रा का मूल्य सापेक्ष बढ़ता है और सामान्य मूल्य स्तर में गिरावट आ सकती है।
केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप (Central Bank Interventions): अर्थव्यवस्था को प्रोत्साहित कर माँग बढ़ाने हेतु केंद्रीय बैंक निम्न मात्रात्मक (quantitative) उपकरण अपना सकता है:
- रेपो दर में कटौती: केंद्रीय बैंक उस दर को घटा सकता है जिस पर वह वाणिज्यिक बैंकों को उधार देता है। इससे बैंक क्रेडिट सस्ता हो जाता है; उधार-लागत कम होने पर उपभोग तथा निवेश बढ़ते हैं और समष्टि माँग को प्रोत्साहन मिलता है।
- प्रतिभूतियों की खरीद (ओपन मार्केट ऑपरेशन्स): केंद्रीय बैंक खुले बाजार से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदकर बैंकिंग प्रणाली में तरलता (नकद) प्रविष्ट कर देता है। बैंकों के रिज़र्व बढ़ने पर वे अधिक ऋण दे पाते हैं, जिससे मुद्रा आपूर्ति बढ़ती है और कुल मांग में वृद्धि होती है।
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