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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −दीपक से किस बात का आग्रह किया जा रहा है और क्यों?

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Question

निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
दीपक से किस बात का आग्रह किया जा रहा है और क्यों?

Short/Brief Note
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Solution

महादेवी वर्मा ने दीपक से यह प्रार्थना की है कि वह निरंतर जलता रहे। अर्थात इसकी आस्था बनी रहे। वह आग्रह इसलिए करती हैं क्योंकि वे अपने जीवन में ईश्वर का स्थान सबसे बड़ा मानती हैं। ईश्वर को पाना ही उनका लक्ष्य है।

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मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
प्रस्तुत कविता में 'दीपक' और 'प्रियतम' किसके प्रतीक हैं?


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कवयित्री किसका पथ आलोकित करना चाह रही हैं?


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कवयित्री को आकाश के तारे स्नेहहीन से क्यों प्रतीत हो रहे हैं?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
पतंगा अपने क्षोभ को किस प्रकार व्यक्त कर रहा है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
कवयित्री ने दीपक को हर बार अलग-अलग तरह से ‘मधुर मधुर, पुलक-पुलक, सिहर-सिहर और विहँस-विहँस’ जलने को क्यों कहा है? स्पष्ट कीजिए।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए 
नीचे दी गई काव्य-पंक्तियों को पढ़िए और प्रश्नों के उत्तर दीजिए −
जलते नभ में देख असंख्यक,
स्नेहहीन नित कितने दीपक;
जलमय सागर का उर जलता,
विद्युत ले घिरता है बादल!
विहँस विहँस मेरे दीपक जल!

() 'स्नेहहीन दीपकसे क्या तात्पर्य है?
(सागर को 'जलमयकहने का क्या अभिप्राय है और उसका हृदय क्यों जलता है?
(बादलों की क्या विशेषता बताई गई है?
(कवयित्री दीपक को 'विहँस विहँसजलने के लिए क्यों कह रही हैं?


निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-
मृदुल मोम सा घुल रे मृदु तन!


कविता में जब एक शब्द बार-बार आता है और वह योजक चिह्न द्वारा जुड़ा होता है, तो वहाँ पुनरुक्ति प्रकाश अलंकार होता है; जैसे-पुलक-पुलक। इसी प्रकार के कुछ और शब्द खोजिए जिनमें यह अलंकार हो।


कवयित्री अपने प्रियतम का पथ किस प्रकार आलोकित करना चाहती है?


विश्व के शीतल-कोमल प्राणी क्या भोग रहे हैं और क्यों ?


‘मधुर-मधुर मेरे दीपक जल।’ कविता के आधार पर कवयित्री की भक्ति भावना पर प्रकाश डालिए।


‘मधुर-मधुर मेरे दीपक जल’ के आधार पर विश्व-शलभ की स्थिति स्पष्ट कीजिए। ऐसे लोगों के प्रति कवयित्री की क्या सोच है?


मेरी निश्वासों से द्रुततर,
सुभग न तू बुझने का भय कर;
मैं अँचल की ओट किए हूँ,
अपनी मृदु पलकों से चंचल !
सहज-सहज मेरे दीपक जल !
सीमा ही लघुता का बंधन,
है अनादि तू मत घड़ियाँ गिन;
मैं दृग के अक्षय कोषों से
तुझ में भरती हूँ आँसू जल !
सजल-सजल मेरे दीपक जल ! 

इस पद्यांश पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्‍तर निम्‍न शब्‍द हों।

  1. सीमा = ______ 
  2. आँसू जल = ______ 

मेरी निश्वासों से द्रुततर,
सुभग न तू बुझने का भय कर;
मैं अँचल की ओट किए हूँ,
अपनी मृदु पलकों से चंचल !
सहज-सहज मेरे दीपक जल !

पद्यांश की प्रथम पाँच पंक्‍तियों का सरल अर्थ लिखिए।


एक शब्‍द में उत्‍तर दीजिए:

माँग रहे तुमसे - ______  


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