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मेरी निश्वासों से द्रुततर, सुभग न तू बुझने का भय कर; मैं अँचल की ओट किए हूँ, इस पद्यांश पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्‍तर निम्‍न शब्‍द हों। सीमा = ______ आँसू जल = ______

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Question

मेरी निश्वासों से द्रुततर,
सुभग न तू बुझने का भय कर;
मैं अँचल की ओट किए हूँ,
अपनी मृदु पलकों से चंचल !
सहज-सहज मेरे दीपक जल !
सीमा ही लघुता का बंधन,
है अनादि तू मत घड़ियाँ गिन;
मैं दृग के अक्षय कोषों से
तुझ में भरती हूँ आँसू जल !
सजल-सजल मेरे दीपक जल ! 

इस पद्यांश पर ऐसे प्रश्न तैयार कीजिए जिनके उत्‍तर निम्‍न शब्‍द हों।

  1. सीमा = ______ 
  2. आँसू जल = ______ 
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Solution

  1. सीमा = कवयित्री के अनुसार लघुता का बंधन क्या है?
  2. आँसू जल =  कवयित्री ने दीपक में क्या भरने को कहा?
shaalaa.com
मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
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Chapter 1.09: मधुर-मधुर मेरे दीपक जल - स्वाध्याय [Page 39]

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Balbharati Hindi Kumarbharati Standard 9 Maharashtra State Board
Chapter 1.09 मधुर-मधुर मेरे दीपक जल
स्वाध्याय | Q (१) | Page 39

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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
दीपक से किस बात का आग्रह किया जा रहा है और क्यों?


म्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
'विश्व-शलभ' दीपक के साथ क्यों जल जाना चाहता है?


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
आपकी दृष्टि में 'मधुर मधुर मेरे दीपक जल' कविता का सौंदर्य इनमें से किस पर निर्भर है −
(क) शब्दों की आवृति पर।
(ख) सफल बिंब अंकन पर।


निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर दीजिए −
कवयित्री किसका पथ आलोकित करना चाह रही हैं?


इस कविता में जो भाव आए हैं, उन्हीं भावों पर आधारित कवयित्री द्वारा रचित कुछ अन्य कविताओं का अध्ययन करें; जैसे-
(क) मैं नीर भरी दुख की बदली
(ख) जो तुम आ जाते एकबार
ये सभी कविताएँ ‘सन्धिनी’ में संकलित हैं।


विश्व के शीतल-कोमल प्राणी क्या भोग रहे हैं और क्यों ?


कवयित्री ने ‘जलमय सागर’ किसे कहा है? उसका हृदय क्यों जलता है?


‘मधुर-मधुर मेरे दीपक जल’ के आधार पर विश्व-शलभ की स्थिति स्पष्ट कीजिए। ऐसे लोगों के प्रति कवयित्री की क्या सोच है?


मेरी निश्वासों से द्रुततर,
सुभग न तू बुझने का भय कर;
मैं अँचल की ओट किए हूँ,
अपनी मृदु पलकों से चंचल !
सहज-सहज मेरे दीपक जल !

पद्यांश की प्रथम पाँच पंक्‍तियों का सरल अर्थ लिखिए।


एक शब्‍द में उत्‍तर दीजिए:

लघुता का बंधन - ______ 


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