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नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।

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Question

नीचे दिए गए आँकड़ों के आधार पर सर्वाधिक स्थायी ऑक्सीकृत स्पीशीज़ ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V

Options

  • Cr3+

  • `"MnO"_4^-`

  • `"Cr"_2"O"_7^(2-)`

  • Mn2+

MCQ
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Solution

Cr3+

स्पष्टीकरण -

`"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` में मानक कमी क्षमता का सबसे नकारात्मक मूल्य है। इसलिए, Cr3+ सबसे अधिक ऑक्सीकृत प्रजाति है।

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गैल्वैनी सेल
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Chapter 3: विद्युत् रसायन - अभ्यास [Page 36]

APPEARS IN

NCERT Exemplar Rasayan Vigyaan [Hindi] Class 12
Chapter 3 विद्युत् रसायन
अभ्यास | Q I. 12. | Page 36

RELATED QUESTIONS

नीचे दिए गए मानक इलैक्ट्रोड विभवों के आधार पर धातुओं को उनकी बढ़ती हुई अपचायक क्षमता के क्रम में व्यवस्थित कीजिए।

\[\ce{K+/K}\] = −2.93 V, \[\ce{Ag+/Ag}\] = 0.80 V,

\[\ce{Hg^{2+}/Hg}\] = 0.79 V

\[\ce{Mg^{2+}/Mg}\] = −2.37 V, \[\ce{Cr^{3+}/Cr}\] = −0.74 V


उस गैल्वैनी सेल को दर्शाइए जिसमें निम्नलिखित अभिक्रिया होती है –

\[\ce{Zn(s) + 2Ag+(aq) → Zn^{2+}(aq) + 2Ag(s)}\], अब बताइए –

  1. कौन-सा इलैक्ट्रोड ऋणात्मक आवेशित है?
  2. सेल में विद्युत-धारा के वाहक कौन-से हैं?
  3. प्रत्येक इलैक्ट्रोड पर होने वाली अभिक्रिया क्या है?

जब सेल में कोई धारा प्रवाहित न हो रही हो तो इलेक्ट्रोडों के विभवों में अन्तर को ______ कहते हैं।


नीचे दिए गए आँकड़ों का उपयोग करते हुए प्रबलतम अपचायक को ज्ञात कीजिए।

`"E"_("Cr"_2"O"_7^(2-)//"Cr"^(3+))^⊖`= 1.33 V  `"E"_("Cl"_2//"Cl"^-)^⊖` = 1.36 V

`"E"_("MnO"_4^-//"Mn"^(2+))^⊖` = 1.51 V   `"E"_("Cr"^(3+)//"Cr")^⊖` = - 0.74 V


Cu2+/Cu मानक इलेक्ट्रोड विभव का धनात्मक मान दर्शाता है कि ______।

  1. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल अपचायक है।
  2. यह अपोउपचायक युग्म, H+/H2 युग्म की तुलना में प्रबल ऑक्सीकारक है।
  3. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित कर सकता है।
  4. Cu अम्ल से H2 को विस्थापित नहीं कर सकता है।

क्या `"E"_"cell"^⊖` अथवा Δr G⊖ कभी भी शून्य के बराबर हो सकता है?


उस गैल्वेनी सेल को चित्रित कीजिए जिसकी सेल अभिक्रिया \[\ce{Cu + 2Ag+ ⟶ 2Ag + Cu2+}\] है।


इलेक्ट्रोड विभव क्या होता है?


एक गैल्वेनी सेल का विद्युत् विभव 1.1V है। यदि इस सेल पर 1.1V का विपरीत विभव लगाया जाए तो सेल की सेल अभिक्रिया और सेल से प्रवाहित हो रहे विद्युत् प्रवाह पर क्या प्रभाव पड़ेगा?


चित्र पर विचार कीजिए तथा नीचे दिए गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए।

  1. इलेक्ट्रॉन प्रवाह की दिशा दर्शाने के लिए चित्र को पुन: बनाइए।
  2. सिल्वर प्लेट ऐनोड है अथवा कैथोड?
  3. क्या होगा यदि लवण सेतु को हटा दीया जाए?
  4. सेल कार्य करना कब समाप्त कर देगा?
  5. कार्यरत सेल में Zn2+ तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होगी?
  6. सेल समाप्त हो जाने के पश्चात Zn2+ आयनों तथा Ag+ आयनों की सांद्रता किस प्रकार प्रभावित होती है?

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