Advertisements
Advertisements
Question
नीचे दी गई अभिक्रियाओं के आधार पर यौगिक X को पहचानिए। A, B तथा C के रासायनिक सूत्र तथा नाम भी लिखिए।

Advertisements
Solution
यौगिक 'Y' सोडियम हाइड्रोक्साइड है। यह A, B और C को इस प्रकार बनाता है:
`2"NaOH" + underset("(Y)")("Zn") -> "Na"_2"ZnO"_2 + underset("सोडियम जिंकेट (A)")("H_2(g)")`
`"NaOH" + underset("(Y)")("HCl") -> "NaCl" + underset("सोडियम क्लोराइड(B)")("H"_2"O")`
`"NaOH" + underset(("Y"))("CH"_3"COOH") -> underset("सोडियम ऐसीटेट (Z)") ("CH"_3"COONa" + "H"_2"O")`
APPEARS IN
RELATED QUESTIONS
पीतल एवं ताँबे के बर्तनों में दही एवं खट्टे पदार्थ क्यों नहीं रखने चाहिए?
NaOH का 10 mL विलयन, HCl के 8 mL विलयन से पूर्णतः उदासीन हो जाता है। यदि हम NaOH के उसी विलयन का 20 mL लें तो इसे उदासीन करने के लिए HCl के उसी विलयन की कितनी मात्रा की आवश्यकता होगी?
निम्न अभिक्रिया के लिए पहले शब्द-समीकरण लिखिए तथा उसके बाद संतुलित समीकरण लिखिएः
तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल मैग्नीशियम पट्टी के साथ अभिक्रिया करता है।
सोडियम कार्बोनेट क्षारकीय लवण है। क्योंकि यह लवण है ______
निम्नलिखित में से कौन से अम्लीय सामर्थ्य का बढ़ता हुआ सही क्रम देता है ______
विद्युत्-अपघट्य के विद्युत चालकता के प्रदर्शन के प्रयास के लिए निम्नलिखित उपकरण लगाया गया।

निम्नलिखित में से कौन-सा (कौन-से) कथन सत्य है (हैं)?
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि विद्युत अपघट्य अम्ल नहीं है।
- बल्ब चमकेगा क्योंकि NaOH एक प्रबल क्षार है तथा चालन के लिए आयन उपलब्ध कराएगा।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि परिपथ अपूर्ण है।
- बल्ब नहीं चमकेगा क्योंकि यह विद्युत-अपघट्य के विलयन के प्रकार पर निर्भर करता है।
चींटी के दंश में उपस्थित अम्ल का नाम तथा इसका रासायनिक सूत्र दीजिए। चींटी के दंश के कारण हुई जलन से राहत पाने के लिए सामान्य विधि भी दीजिए।
जब जिंक धातु की क्रिया एक प्रबल अम्ल के तनु विलयन से करायी जाती है तो एक गैस मुक्त होती है जो की तेलों के हाइड्रोजनीकरण में उपयोग में आती है। मुक्त गैस का नाम दीजिए तथा बनने वाली गैस की पहचान के लिए परिक्षण लिखिए।
चित्र में हाइड्रोजन गैस के विरचन के लिए दर्शाए गए रेखांकित चित्र में, यदि निम्नलिखित परिवर्तन कर दिए जाए तो क्या होगा?

- परखनली में दानेदार जिंक के स्थान पर जिनक धूल की कुछ मात्रा ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के साथ पर तनु हाइड्रोक्लोरिक अम्ल लिया जाए।
- जिंक के स्थान पर कॉपर टर्निंग ली जाए।
- तनु सल्फ्यूरिक अम्ल के स्थान पर सोडियम हाइड्रोक्साइड लिया जाए तथा परखनली को गरम किया जाए।
एक धातु कार्बोनेट X, एक अम्ल से अभिक्रिया कर एक गैस देता है जो एक विलयन Y से गुजारने पर पुनः धातु कार्बोनेट देती है। वहीं दूसरी और एक गैस G जो की ब्राइन के विदयुत अपघटन पर ऐनोड पर प्राप्त होती है। शुष्क Y में से प्रवाहित करने पर एक यौगिक Z देती है जिसका उपयोग पेयजल को रोगाणुनाशी करने के लिए होता है। X, Y, G तथा Z को पहचानिए।
