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“नौकरों को हमें वेतनभोगी मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इसमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।” गांधी जी ऐसा क्यों कहते होंगे? तर्क के साथ समझाओ।

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Question

‘नौकरों को हमें वेतनभोगी मज़दूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इसमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी।’ गांधी जी ऐसा क्यों कहते होंगे? तर्क के साथ समझाओ।

Short/Brief Note
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Solution

नौकरों को हमें वेतनभोगी मजदूर नहीं, अपने भाई के समान मानना चाहिए। इससे हमें कुछ कठिनाई हो सकती है, फिर भी हमारी कोशिश सर्वथा निष्फल नहीं जाएगी। गांधी जी ने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि हमारे समाज में नौकरों को परिवार के सदस्य की तरह मानने की लोगों की मानसिकता नहीं रही है। नौकर भी मनुष्य होते हैं। उन्हें भी हमारी ही तरह प्यार और सहानुभूति की आवश्यकता होती है। हमारा प्यार एवं सहानुभूति पाकर वे खुश होंगे तथा काम में अधिक मन लगाएँगे। हमारा इस तरह का व्यवहार उन्हें संतुष्टि प्रदान करेगा।

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गद्य (Prose) (Class 6)
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Chapter 15: नौकर - अनुमान और कल्पना [Page 113]

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NCERT Hindi Vasant Part 1 Class 6
Chapter 15 नौकर
अनुमान और कल्पना | Q 2 | Page 113

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कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना”-
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अब तुम भी निजवाचक सर्वनाम के निम्नलिखित रूपों का वाक्यों में प्रयोग करो।

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प्राकृतिक संसाधन दैनिक उपयोग की वस्तुएँ
चमड़ा ________________
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गोबर ________________
मिट्टी ________________
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